जिला परिवहन विभाग और यातायात विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यात्री वाहनों की विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बीते एक-दो दिनों से जिले की अलग-अलग सड़कों पर संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। अभियान के तहत यात्री बसों, ओवरलोडिंग कर रही पिकअप वाहनों और अन्य व्यावसायिक वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में 22 मई को यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने जिलेभर में लगभग 35 से 40 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में ऐसी यात्री बसें पकड़ी गईं, जो ओवरलोडिंग कर संचालित हो रही थीं। इसके अलावा कई बसें बिना वैध पंजीयन प्रमाण पत्र, फिटनेस और परमिट के सड़कों पर दौड़ती मिलीं। कार्रवाई के दौरान एक अहम बात यह भी सामने आई कि कुछ बसों पर एक दिन पहले ही नियम उल्लंघन को लेकर चालान काटा गया था, लेकिन संचालकों द्वारा आवश्यक सुधार किए बिना दोबारा उन्हीं वाहनों को सड़कों पर उतार दिया गया। ऐसे वाहनों पर दोबारा सख्त कार्रवाई की गई। बताया गया कि जिन वाहनों को 24 घंटे की अवधि में दस्तावेज सुधारने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे, उनमें कई वाहन निर्धारित समय समाप्त होने के कुछ मिनट बाद भी बिना सुधार के चलते पाए गए। कुछ मामलों में 5 से 10 मिनट अधिक होने पर भी नियमों का पालन नहीं मिलने के कारण यातायात पुलिस ने पुनः चालानी कार्रवाई की।
जिले में इन दिनों यातायात पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर शहर से लेकर प्रमुख मार्गों तक लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। बीते कुछ दिनों से शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर हेलमेट जांच अभियान फिर तेज हो गया है, जहां बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी दोपहिया वाहन चालकों की जांच कर रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पिछले एक-दो दिनों से शहर में यह सख्ती स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट नियम केवल चालान वसूली के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया जा रहा है। इधर यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यात्री बसों के खिलाफ भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। 22 मई की शाम शहर के संविधान चौक पर विशेष चेकिंग अभियान चलाकर यात्री बसों की जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों ने बसों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक नियमों की जांच की। यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केवल 22 मई को ही संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग 30 से 40 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। जांच में कई बसें ऐसी मिलीं जिनके पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं था या परमिट संबंधी कमियां थीं। कुछ बसों में अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था भी नहीं पाई गई। इसके अलावा चालकों की निर्धारित ड्रेस, दस्तावेज और अन्य आवश्यक नियमों के पालन में भी लापरवाही सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि नियमों की अनदेखी करने वाली दो बसों को परिवहन विभाग परिसर में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई बसों का एक दिन पहले ही चालान काटा गया था और उन्हें 24 घंटे का समय कमियां सुधारने के लिए दिया गया था। इसके बावजूद संबंधित बस संचालक और चालक बिना आवश्यक सुधार किए दोबारा यात्रियों को लेकर सड़कों पर दौड़ते पाए गए। जांच के दौरान कई बस चालकों ने पुलिस को एक दिन पहले काटे गए चालान दिखाकर यह तर्क दिया कि उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है। हालांकि अधिकारियों ने समयावधि पूरी होने के बाद कार्रवाई जारी रखी। बताया गया कि कुछ मामलों में 24 घंटे की अवधि समाप्त होने के पांच से दस मिनट बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया था, जिसके चलते दोबारा चालानी कार्रवाई की गई और बस संचालकों को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। संयुक्त कार्रवाई के दौरान यातायात पुलिस ने शहर की सड़कों पर दौड़ रहे कुछ ओवरलोड पिकअप वाहनों पर भी कार्रवाई की। ऐसे वाहनों को रोककर चालान बनाए गए और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई। यातायात थाना प्रभारी यीना ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यात्री बस संचालकों से अपील की कि वे निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं और अपने वाहनों में सभी आवश्यक सुरक्षा और दस्तावेजी नियमों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।










































