निकोसिया: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बुधवार को रूस-यूक्रेन युद्ध, युद्ध के मैदान की बदलती स्थितियों और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के प्रयासों पर बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब कीव दुनिया भर से ज्यादा समर्थन पाने की कोशिश कर रहा है। यह चर्चा साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक ‘जिम्निच फोरम’ के दौरान हुई। ये बैठक उस वक्त आई है जब एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध में अभी तक पांच लाख से ज्यादा रूसी सैनिक मारे गये हैं।
यूक्रेनी विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद इसे एक उपयोगी बैठक बताते हुए जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों ने यूक्रेन संघर्ष पर अपने विचार साझा किए और द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। सिबिहा ने इस बातचीत को सार्थक बताया और कहा कि बातचीत का मुख्य विषय रूस का यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध और युद्ध के मैदान में हाल के घटनाक्रम थे खासकर यूक्रेन की बढ़ती पहल है। आपको बता दें कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात से पहले ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत और रूसी विदेश मंत्रियों की भी मुलाकात हुई थी। इसीलिए सवाल ये हैं कि क्या भारत, यूक्रेन और रूस के बीच क्या किसी तरह का ‘पुल’ बन सकता है?










































