पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने किया अंतिम संस्कार
बालाघाट/ लामता रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर शनिवार सुबह एक साही की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। रेलवे ट्रैक पर वन्यजीव की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। मृत साही का पशु चिकित्सा अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं अमले की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
बताया गया है कि शनिवार प्रातः लामता रेलवे स्टेशन के समीप एक साही ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी वन विभाग को मिलने के बाद मृत साही के शव परीक्षण के लिए आवश्यक आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात खंड पशु चिकित्सा अधिकारी, बालाघाट डॉ. पंकज पुशाम एवं डॉ. पूजा धुर्वे मौके पर पहुंचे और नियमानुसार मृत साही का शव परीक्षण किया।पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की गई। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं उपस्थित वन अमले की मौजूदगी में मृत साही का नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया।
वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है साही
साही वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण वन्य प्राणी है। वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से इसका विशेष महत्व है तथा इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अनुसूची-2 में शामिल किया गया है। ऐसे में रेलवे ट्रैक पर साही की मौत वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण विषय है।पूरे प्रकरण में वन विभाग एवं पशु चिकित्सा विभाग ने आपसी समन्वय के साथ आवश्यक वैधानिक एवं चिकित्सकीय कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किए जाने के साथ ही वन्यजीव से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया गया।









































