आर्थिक बोझ और असमंजस में चिंतित अभिभावक
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद शिक्षा केंद्र वारासिवनी के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुए काफ ी समय बीत चुका है। लेकिन विद्यार्थियों को मिलने वाली नि:शुल्क स्कूल ड्रेस को लेकर आज भी स्थिति पूरी तरह अस्पष्ट बनी हुई है। ड्रेस कब तक प्राप्त होगी इसे लेकर ना तो कोई दिशा निर्देश स्पष्ट हैं और ना ही शाला स्तर पर कोई पुख्ता जानकारी उपलब्ध है। ऐसे में विद्यार्थी और उनके अभिभावक लगातार स्कूल ड्रेस का इंतजार करने को मजबूर हैं।
पिछले वर्ष खाते में आती थी राशि, इस बार व्यवस्था में बदलाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत वर्षों तक शासन के द्वारा विद्यार्थियों के बैंक खातों में ६०० रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जाती थी। जिससे अभिभावक स्वयं दो जोड़ी ड्रेस खरीद लेते थे। परंतु इस बार ना तो नए प्रवेशी विद्यार्थियों के खातों की जानकारी मांगी गई है और ना ही पुराने अध्ययनरत विद्यार्थियों के बैंक विवरण अपडेट किए गए हैं। इस बार शासन के माध्यम से सीधे गणवेश उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। किंतु सत्र शुरू होने के बाद भी ड्रेस वितरण की प्रक्रिया धरातल पर शुरू नहीं हो पाई है।
विकासखंड में ८७९८ पात्र विद्यार्थी कर रहे इंतजार
वारासिवनी विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला की संख्या १४८ शासकीय माध्यमिक शाला की संख्या ७० हैं जो एकीकृत शाला की संख्या १६७ है। इसमें कक्षा १ से ५वीं तक ४५७० विद्यार्थी कक्षा ६ठवीं से८ वीं तक ४२२८ विद्यार्थी दर्ज हैं । इस प्रकार कुल पात्र विद्यार्थी की संख्या ८७९८ हैं इन सभी ८७९८ विद्यार्थियों को इस योजना के तहत नि:शुल्क यूनिफ ॉर्म मिलनी है जो फि लहाल केवल इंतजार के सहारे हैं।
खुशी के बीच पालकों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
योजना के तहत नई ड्रेस मिलने की बात से विद्यार्थियों और पालकों में खुशी तो है लेकिन वितरण में हो रही देरी ने चिंता बढ़ा दी है। कई बच्चों की पिछले वर्ष की ड्रेस या तो छोटी हो चुकी है, फ ट गई है या खराब हो गई है। ऐसे में अभिभावक इस असमंजस में हैं कि वे बाजार से नई ड्रेस सिलवा लाये या शासन से मिलने वाली गणवेश का इंतजार करें। यदि वे खुद से ड्रेस खरीदते हैं तो उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर बिना गणवेश के बच्चों को स्कूल भेजने में भी झिझक महसूस हो रही है। पालकों की मांग है कि शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासन इस विषय पर जल्द स्थिति स्पष्ट करें और शीघ्र अति शीघ्र गणवेश का वितरण सुनिश्चित कराए । ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके और परिवारों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी ना उठानी पड़े।
गणवेश या रुपये क्या दिये जायेंगे अभी कुछ स्पष्ट नहीं है-सत्येंद्र शरणागत
बीआरसी सत्येंद्र शरणागत ने बताया कि पिछले वर्ष तक बच्चों के खातों में ६०० रूपये दो गणवेश खरीदने डाले जाते थे परंतु इस वर्ष जानकारी है कि पैसे की जगह गणेश देंगे। परंतु स्पष्ट जानकारी कुछ भी नहीं है कि पैसे देंगे या गणेश अधिकारियों से चर्चा हुई है पर स्पष्ट नहीं है, राशि प्रवेश के दो तीन महीने में डाल जाती है या कोई विद्यार्थी के खाते में समस्या रहती है तो उसे अपडेट करवाते है। परंतु उसकी भी अभी कोई जानकारी नहीं आई है बच्चों का खाता जोडऩा प्रक्रिया में रहता है।
बाइट सत्येंद्र शरणागत बीआरसी वारासिवनी










































