सपना पूरा करने गए दिल्ली, सत्य निकेतन हादसे में अर्पित-अक्षत की गई जान; दोनों थे घर के इकलौते, एक के पैरेंट्स ने आंख किया दान

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Arpit And Akshat Died In Delhi: दिल्ली के सत्य निकेलदन हादसे में एमपी के दो युवकों की जान चली गई है। दोनों अपने घर के इकलौते चिराग थे। अर्पित जाज के माता-पिता ने दिल्ली में उसके नेत्रदान का फैसला किया है। दोनों राखी के बाद दिल्ली लौटे थे।देवास: मध्य प्रदेश के दो युवकों की जान दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में चली गई है। मृतकों में कटनी के अक्षत यादव और देवास के अर्पित जाज हैं। दोनों रक्षाबंधन पर घर आए थे। राखी के बाद दिल्ली लौट गए। इसके बाद सत्य निकेतन हादसे की खबर आई। परिजन हादसे की खबर सुनकर दिल्ली पहुंचे तो दोनों के शवों की पहचान करना मुश्किल था। पैरेंट्स ने दिल्ली में किया नेत्रदान

इस दुख की घड़ी में भी अर्पित के माता-पिता ने साहसिक फैसला लिया है। दोनों को पीएम के बाद दिल्ली में शव को सौंप दिया गया है। इसके बाद दोनों ने बेटे के नेत्रदान कराए हैं। दोनों ने कहा कि अर्पित की आंखें किसी और की जिंदगी में रोशनी लाएंगी।

देवास लाया गया शव

एंबुलेंस से अर्पित का शव देवास लाया गया। अंतिम सफर के दौरान पार्थिव शरीर को रोकने के लिए बहन दौड़ पड़ी। मां भी होश खो बैठी। वहीं, पिता ने नम आंखों से विदाई दी है।आईएएस बनने का सपना लेकर गया था अक्षत

वहीं, कटनी के रहने वाले अक्षत यादव की भी इस हादसे में मौत हो गई है। अक्षत अपने माता-पिता के इकलौते संतान थे। वह डीयू से ग्रेजुएशन कर रहा था। साथ ही आईएएस बनने का सपना था। कटनी के दुबे कॉलोनी में अक्षत का घर है। हादसे के बाद माहौल गमगीन है।

दीवाली पर आने का किया था वादा

अक्षत अभी रक्षाबंधन पर राखी बंधवाकर दिल्ली गया था। साथ ही परिवार से दीवाली पर आने का वादा किया था। पड़ोसियों ने मीडिया को बताया कि वह पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर था। राखी के बाद तुरंत दिल्ली चला गया था। परिजन अभी दिल्ली गए हुए हैं।

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