इसे जिला शिक्षा विभाग का रहमो करम कहें या कुछ और कि जिले में बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा है। जहां बिना किसी कागजी कार्यवाही के ही जिले के ग्रामीण अंचलों में इंग्लिश मीडियम स्कूलों के नाम पर निजी स्कूल खोलकर कुछ लोग मोटी रकम कमा रहे हैं, तो वही नियम कानूनों को ताक में रख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।जिसका एक नजारा इन दिनों जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चांगोटोला में देखने को मिल रहा है। जहां सिवनी जिले की मान्यता के आधार पर जिले के चांगोटोला में सनराइज मॉडल पब्लिक स्कूल के नाम से एक निजी स्कूल का संचालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल संचालक मनोज गुप्ता और शालिनी गुप्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्कूल के संचालन को लेकर किसी प्रकार के दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं, और ना ही उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्कूल चलाने की उन्हें अनुमति मिली है। बावजूद इसके भी पिछले छह महीनों से उनके द्वारा चांगोटोला में उक्त स्कूल का संचालन कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि बिना मान्यता के संचालित हो रहे इस स्कूल की अब तक खबर संबंधित विभाग ने नहीं ली है। और ना ही अब तक संबंधित विभाग ने स्कूल पर कोई कार्यवाही की है। जहां कार्रवाई करना तो दूर की बात अब तक इस स्कूल के संचालन की जानकारी तक उठाने की जहमत संबंधित अधिकारियों द्वारा नहीं उठाई गई है। ऐसे में अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक जिले में बिना मान्यता प्राप्त स्कूल चलाकर लोग बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे और सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब यह मामला संज्ञान में आने के बाद आखिर संबंधित विभाग द्वारा उक्त स्कूल संचालकों के खिलाफ कब और क्या कार्यवाही की जाती है।
इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार उपाध्याय ने मामले का संज्ञान लेकर तुरंत एक जांच दल का गठन कर बुधवार को मामले की जांच कराने और जांच में पाए जाने वाले तथ्यो के आधार पर उक्त स्कूल संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही किए जाने की बात कही है










































