मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप स्थित एक कंपनी के 2 इंजीनियरों का पांच दिन से कोई अता-पता नहीं है। हालांकि रायसेन के 6 लोग लापता थे, जिनमें से 4 मिल गए हैं। बचे हुए 2 अभी भी लापता हैं। ये लोग रासुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे थे।रायसेन: जिले के मंडीदीप की एक कंपनी द्वारा नेपाल भेजे गए कर्मचारियों में से रायसेन के 2 इंजीनियर भीषण बाढ़ के बाद से पिछले पांच दिनों से लापता हैं। नेपाल के रासुवा जिले में स्थित अपर त्रिशूली-एक जलविद्युत परियोजना में काम करने गए इन कर्मियों का कोई सुराग न मिलने से उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
यह वही इलाका है जो 26 अगस्त को भोटेकाशी नदी में आई प्रलयकारी बाढ़ से सबसे गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। कंपनी की ओर से लापता कर्मचारियों के फोटो और विवरण विदेश मंत्रालय के जरिए नेपाल सरकार को उपलब्ध करा दिए गए हैं। हालांकि, रायसेन जिला प्रशासन को केवल स्थानीय स्तर की ही सीमित जानकारी दी गई है, जबकि अन्य राज्यों के कर्मचारियों का पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।रायसेन के दो युवकों का पांच दिन से नहीं मिला सुराग
बता दें कि इस परियोजना के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से कर्मचारियों को भेजा गया था, जिसमें रायसेन जिले से कुल छह लोग शामिल थे। गनीमत यह रही कि इनमें से केके पांडे, सुमित खरे, अनिल जिझौतिया और पवन लोधी को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन चारों को सुरक्षित काठमांडू पहुंचा दिया गया है, जहां से वे जल्द ही अपने घर लौटने वाले हैं










































