नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का बचाव किया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए एक विकल्प खुला रखने की बात कही थी। भागवत ने दो टूक कहा कि होसबाले ने पड़ोसी देश के लोगों के संदर्भ में यह बात कही थी। संघ प्रमुख ने कहा कि संगठन पाकिस्तान के संबंध में केंद्र सरकार की नीति का पालन करेगा।
भागवत बोले- पाकिस्तान में कई ऐसे लोग हैं जो…
मोहन भागवत ने आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित एक संवाद सत्र में कहा कि पाकिस्तान में ऐसे कई लोग हैं जो मानते हैं कि भारत का बंटवारा गलत था। वहां के कई पत्रकार आरएसएस और उसके काम की तारीफ करते हैं। वहां ऐसे लोगों की एक बड़ी संख्या है जो पाकिस्तान के खिलाफ और दो-राष्ट्र सिद्धांत के विरोध में हैं और कहते हैं कि साथ रहना बेहतर थापाकिस्तान से वार्ता पर संघ प्रमुख की खरी-खरी
मोहन भागवत ने कहा कि भविष्य में किसी युद्ध में अगर भारत पाकिस्तान को बुरी तरह हराता है, तो वहां के लोगों को या तो भारत में शामिल करना होगा या फिर उन्हें उसी देश में शांति से रहने लायक बनाना होगा। इसके लिए बातचीत के दरवाजे खुले रखने होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम हिटलर जैसे नहीं हैं। यह हमारा स्वभाव या तरीका नहीं है। इसलिए हमें कोई न कोई रास्ता खुला रखना चाहिए। हमें अन्याय और अत्याचार को खत्म करना चाहिए, लेकिन जो अच्छा है, उसे भी बचाकर रखना चाहिए।










































