गांधी हॉल, नेहरू पार्क जैसे महत्व के स्थानों के जीर्णोद्धार के नाम पर करोड़ों रुपये का खेल करने वाली स्मार्ट सिटी कंपनी का एक और कारनामा सामने आया है। कंपनी ने वर्ष 2018 में सदर बाजार क्षेत्र में शासकीय स्कूल भवन का निर्माण शुरू किया था। लाखों की लागत से किए जाने वाला यह काम आठ साल बाद भी अधूरा है।
लाखों खर्च करने के बाद भी विद्यार्थियों को नया स्कूल भवन नहीं मिल सका। विद्यार्थी आज भी जान हथेली पर रखकर जर्जर और जीर्णशीर्ण 70 साल पुराने भवन में बैठने को मजबूर हैं। इस जर्जर भवन की स्थिति इतनी खराब है कि हर पल आशंका बनी रहती है कि कहीं यह भरभराकर गिर न जाए।










































