कुवैत सिटी: कुवैत ने पाकिस्तान के साथ जून 2023 में हस्ताक्षरित व्यापक रक्षा सहयोग समझौते की आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है। यह पुष्टि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य संपर्कों के बाद हुई है। कुवैत पिछले कई महीनों से ईरान के हमलों का सामना कर रहा है। इस कारण कुवैत को भारी नुकसान पहुंचा है और उसे अमेरिका से जैसी मदद मिलनी चाहिए वैसी नहीं मिल रही है। ऐसे में कुवैत ने अपनी रक्षा के लिए पाकिस्तान से संपर्क किया है, जो पैसों और तेल के बदले सबकुछ सौंपने के लिए तैयार बैठा है। पाकिस्तान ने पिछले साल ऐसा ही रक्षा सौदा सऊदी अरब के साथ भी किया था। इसके तुरंत बाद सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 बिलियन डॉलर का कर्ज दिया था।
सऊदी अरब जैसा रक्षा समझौता करेंगे पाकिस्तान और कुवैत
पाकिस्तान और कुवैत का रक्षा सौदा वैसा ही होगा, जैसा इस्लामाबाद ने सऊदी अरब के साथ किया था। यानी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा और वे एक दूसरे की सैन्य सहायता करने के लिए मजबूर होंगे। कुवैत का पाकिस्तान के साथ पहले से ही रक्षा सहयोग समझौता है, लेकिन वह इसे सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के NATO जैसे समझौते की तर्ज पर बढ़ाना चाहता है।
कुवैत में अमेरिकी सेना के तीन ठिकाने
कुवैत में कम से कम तीन अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं, जहां 13,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। इनमें कैंप आरिफजान, अली अल सलेम एयर बेस और कैंप ब्यूहरिंग शामिल हैं। ये अड्डे अमेरिकी सेना को मध्य पूर्व में लॉजिस्टिक, एयर ऑपरेशन और सुरक्षा सहायता प्रदान करते हैं। इस बीच शुक्रवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस पर हमला किया था। आईआरजीसी ने कई अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने या घायल होने का भी दावा किया था।
कुवैत की सुरक्षा में नाकाम हुआ अमेरिका
कुवैत ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता करने का फैसला ऐसे समय किया है, जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सहयोगी देशों को ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाने में नाकाम रहा है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से कुवैत में तेल सुविधाओं, बिजली-पानी के संयंत्रों और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस कारण कई बार उड़ानों को रोकना पड़ा है। इन हमलों में कई लोग घायल भी हुए हैं।
कुवैत ने पाकिस्तान के साथ समझौते को मंजूरी दी
कुवैत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत ने रविवार को पाकिस्तान के साथ एक व्यापक रक्षा सहयोग समझौते को मंजूरी दी, जिस पर 2023 में हस्ताक्षर किए गए थे। यह समझौता पाकिस्तान और कुवैत की सेनाओं के बीच सहयोग सहयोग को बढ़ाएगा। इसमें दोनों देशों की सेनाएं सैन्य प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी साझा करने, लॉजिस्टिक्स, रक्षा तकनीक, अनुसंधान और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर सहमत हुई हैं।










































