नई दिल्ली: भारत परमाणु ऊर्जा क्षमता को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने साल 2047 तक देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट (GW) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के बीच भारत के सामने एक बड़ी चुनौती परमाणु रिएक्टरों के लिए जरूरी ईंधन यानी यूरेनियम की पर्याप्त और लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
इसी वजह से भारत अब दुनिया के प्रमुख यूरेनियम उत्पादक देशों के साथ दीर्घकालिक सप्लाई समझौते करने के साथ-साथ विदेशों में यूरेनियम खदानों में सीधे निवेश के विकल्प भी तलाश रहा है। उज्बेकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कजाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका भारत की इस रणनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





































