Nirmala Sapre: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वालीं बीना विधायक निर्मला सप्रे बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) की ट्रेनिंग में शामिल हुईं। उनकी सदस्यता पर अभी विवाद चल रहा है। इस बीच विधानसभा सचिवालय सत्र की तैयारियों और डिजिटल रिकॉर्ड्स को जोड़ने में जुटा है।भोपाल: कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हुईं बीना से विधायक निर्मला सप्रे बुधवार को अचानक मध्य प्रदेश विधानसभा में नजर आईं। वे यहां नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) पर आयोजित तीन दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन शुरुआती सत्र में शामिल होने पहुंची थीं, हालांकि उद्घाटन सत्र के ठीक बाद वे वहां से निकल गईं।
पाला बदलने के बाद बनाई थी दूरी
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि पाला बदलने के बाद से ही निर्मला सप्रे विधानसभा की कार्यवाही से दूरी बनाए हुए थीं। दलबदल के इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग कर रही है और यह मामला अभी विधानसभा अध्यक्ष के पास पेंडिंग बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रेनिंग के बाद जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।NeVA ट्रेनिंग और डिजिटल होती विधानसभा
बुधवार से शुरू हुए इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। पहले दिन करीब 38 विधायक इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस सॉफ्टवेयर के जरिए राज्य की विधानसभा को पेपरलेस बनाने की तैयारी है, जिसमें मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और ई-बुक मॉड्यूल शामिल हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिया संबोधन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से आज बिना बिचौलियों के सीधे लाभार्थियों के खातों में पैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने विधायकों और उनके स्टाफ को तकनीक अपनाने की सलाह दी ताकि जनता से सीधा जुड़ाव और मजबूत हो सके। अधिकारियों के मुताबिक, विधायकों के बाद अगले हफ्ते मंत्रियों के स्टाफ के लिए भी विशेष ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे।जल्द यूट्यूब पर लाइव होगा क्वेश्चन ऑवर
इस बीच, मध्य प्रदेश विधानसभा अपने कामकाज को और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा के प्रश्नकाल को आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव करने की योजना पर काम चल रहा है। यदि तकनीकी तैयारियां पूरी रहीं तो विंटर सेशन से ही यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी, अन्यथा बजट सत्र में इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा, पुराने और वर्तमान विधायी रिकॉर्ड्स को भी दिसंबर तक NeVA पोर्टल पर माइग्रेट करने का प्लान है।










































