राहुल गांधी पर एफआईआर के विरोध में हनुमान चौक पर जोरदार धरना-प्रदर्शन,
कांग्रेस बोली—यह लोकतंत्र और संविधान का अपमान
कथित जातिगत भेदभाव के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस,
एफआईआर वापस लेने और ‘शुद्धिकरण’ मामले में निष्पक्ष जांच की मांग
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पदमेश न्यूज़ | बालाघाट।उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित रूप से गंगाजल का छिड़काव कर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इसी मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर कथित जातिवादी मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार रात नगर में जोरदार प्रदर्शन किया।राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा हनुमान चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और एफआईआर वापस लेने की मांग की।
राहुल गांधी पर एफआईआर को बताया उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कथित घटना को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। कांग्रेस के अनुसार इसके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।उन्होंने इसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली स्थिति बताते हुए राहुल गांधी ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय की बात करना अपराध नहीं हो सकता।
कांग्रेस डरने वाली नहीं, सड़क से संसद तक लड़ेगी लड़ाई
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के जरिए कांग्रेस की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि समाज के किसी वर्ग के साथ भेदभाव होता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
एफआईआर वापस लेने और कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दो प्रमुख मांगें उठाईं। पहली मांग राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की रही। वहीं दूसरी मांग हल्द्वानी में कार्यक्रम स्थल पर कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की रही।कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और यदि किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सके।
हनुमान चौक पर जुटे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान श्याम पंजवानी, कैलाश साहू, राजेश ठाकुर, अनिल बनोटे, शमीम सिद्दीकी, अल्लाह रखा, छविराम पंचेश्वर, निर्मल कल्लू सोनी, डॉ. अमर बिसेन, निखिल गौतम, गुलाबचंद नागपुरे, केवल सिंह झरिया, राम सिंह भाटिया, अफरोज खान, राजू यादव, शब्बीर पटेल, प्रकाश पप्पू मदनकर, शानू राय, धर्मेंद्र बोपचे, जुबेदा अंसारी, उषा मिश्रा, विनोद वंशकार, डॉ. मुकेश वरकडे, डॉ. दुर्गा वरकडे, सुमन केवलानी, सीमा सिंह, मधु चौक, तेजलाल सुलाखे, संतोष बाहेश्वर, फिरोज कुरैशी, राजू बॉस सहित अनेक कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दलित नेता के कार्यक्रम के बाद ‘शुद्धिकरण’ शर्मनाक- श्याम
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लाक कांग्रेस कमेटी नगर अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। ऐसे में देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि यदि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद किसी स्थान को कथित रूप से ‘अपवित्र’ मानकर उसका शुद्धिकरण किया जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि दलित, आदिवासी और वंचित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर सवाल है।कांग्रेस ने कहा कि देश को संविधान और समानता के रास्ते पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, न कि जाति के आधार पर भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देने की।
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