टोक्यो: भारत में सड़कें, रेलवे ट्रैक या नई आवासीय योजनाओं के निर्माण के लिए सदियों पुराने जंगलों को साफ कर दिया जाता है, लेकिन जापान में इसके बिल्कुल उलट होता है। जापान में विकास के नाम पर सदियों पुराने पेड़ों को काटा नहीं जाता है। इसके बजाय उन्हें एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाता है। इस प्रक्रिया को विशेषज्ञों की देखरेख में पूरा किया जाता है, जिसमें कभी-कभी महीनों का साल भर से भी ज्यादा का समय लग जाता है।
पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की प्रक्रिया को नेमावाशी (Nemawashi) कहा जाता है। यह कमाल की तकनीक बागवानी के सदियों पुराने ज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनूठा मेल है, जो प्रकृति के प्रति जापानी समाज के लंबे समय से चले आ रहे सम्मान को दिखाता है। जापान ने दुनिया को दिखाया है कि विकास कार्य और पर्यावरण की रक्षा एक साथ हो सकती है।










































