टोक्यो: स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद अपना समय आमतौर पर खेलने या टीवी देखने में बिताते हैं। वहीं जापान के कोबे में रहने वाले सिर्फ दस साल के जो नगाई ने अपना खाली समय स्वैलोटेल तितलियों को पाल-पोसकर बड़ा करने में बिताया। पंखों के किनारों पर बने चमकीले डॉट वाली एशियन स्वैलोटेल तितलियों की देखभाल करते समय उसने इनका एक प्यारा व्यवहार देखा। जब वह उन्हें खुले में छोड़ता तो तितलियां थोड़ी देर हवा में मंडरातीं और उसके पास वापस आ जातीं। इस बात ने लड़के के मन में सवाल जगाया कि क्या तितलियां उसे पहचानती हैं। इस सवाल के जवाब में नगाई ने ऐसी रिसर्च कर डाली, जिसने दुनियाभर के विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है।
जो नगाई ने इस पर वैज्ञानिक स्टडी खोजना शुरू किया। उसे पता चला कि जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की मशहूर कीट-वैज्ञानिक (एंटोमोलॉजिस्ट) डॉक्टर मार्था वीस ने सबसे पहले इस बात पर स्टडी की थी कि क्या मॉथ (पतंगे) अपने कैटरपिलर दिनों की यादें बनाए रख सकते हैं। उसने अपने सवालों के साथ वीस को एक लंबा मेल कर दिया।










































