भोपाल। 12वीं के बाद उच्च शिक्षा में आर्थिक अड़चन कई विद्यार्थियों के सामने बड़ी चुनौती बनती है, लेकिन प्रदेश में जरूरतमंदों और मेधावियों को सरकार डिग्री लेने में मदद कर रही है। उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग की कुछ योजनाएं ऐसी हैं, जिनके जरिए पात्र विद्यार्थियों के शुल्क का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करती है।
उन्हें प्रोत्साहन राशि मिलती है। इन योजनाओं की शर्तें, दायरा और आवेदन प्रक्रिया जानना विद्यार्थियों के लिए जरूरी है, ताकि वे समय रहते लाभ ले सकें। उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश के साथ आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है।
मेधावी विद्यार्थी व जनकल्याण योजना के लिए यह है पात्रता
- इस योजना के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों ने माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों या सीबीएसई/आइसीएसई द्वारा आयोजित 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।
- मप्र के निवासी, अभिभावक की वार्षिक आय आठ लाख से कम हो, ऐसे विद्यार्थियों को स्नातक स्तर की शिक्षा के लिए शिक्षण शुल्क राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।
गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना 15 मई तक आवेदन
- ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। गांव की बेटी योजना के तहत गांव के स्कूल से 12वीं पास छात्राओं को स्नातक पाठ्यक्रम में पांच हजार रुपये सालाना दिया जाता है।
शहरी क्षेत्र के लिए गरीबी रेखा के नीचे का परिवार होना जरूरी है। 60 प्रतिशत अंकों से 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। सत्र 2025-26 के लिए आवेदन करने का अंतिम अवसर 15 मई तक है।
इस तरह का लाभ
- जेईई मेंस के माध्यम से शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर पूरी फीस एवं अनुदान प्राप्त या अशासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेने पर 1.50 लाख या वास्तविक शिक्षण शुल्क में जो भी कम हो।
- मेडिकल की पढ़ाई के लिए नीट के माध्यम से केंद्र या राज्य सरकार के मेडिकल/डेंटल कालेज में एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले या मध्यप्रदेश में स्थित निजी मेडिकल के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले पात्र होंगे।
- विधि की पढ़ाई के लिए कामन ला एडमिशन टेस्ट(क्लैट) या विवि की परीक्षा के माध्यम से राष्ट्रींय विधि विश्वविद्यालयों एवं दिल्ली विश्वतविद्यालय में प्रवेश प्राप्त किया हो। राज्य शासन के सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों एवं पालीटेक्निक महाविद्यालय के डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (जिनमें प्रवेश 12वीं परीक्षा के आधार पर प्राप्त होता हैं) में प्रवेश प्राप्त करने पर।










































