दिवाली-छठ पर घर जाने के लिए चाहिए कंफर्म टिकट, बुकिंग के समय इन 5 बारीकियों का जरूर रखें ध्यान

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दिवाली से ठीक पहले टिकट बुक करने के लिए अब सिर्फ दो दिन बचे हैं। हालांकि, जो लोग दिवाली के बाद छठ के मौके पर घर जाना चाहते हैं, उनके पास अभी और मौका है।दिवाली और छठ जैसे महापर्वों पर हर कोई अपने परिवार और अपनों के बीच घर पहुंचना चाहता है, लेकिन इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना होती है। त्योहारी सीजन आते ही भारतीय रेलवे की ट्रेनों में लंबी-लंबी वेटिंग लिस्ट शुरू हो जाती है और देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में सभी सीटें फुल हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस दिवाली या छठ पर अपने घर जाने का प्लान बना रहे हैं और कंफर्म ट्रेन टिकट चाहते हैं, तो बुकिंग के समय आपको बेहद सावधानी और सूझबूझ से काम लेने की जरूरत है। रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों और कुछ स्मार्ट तरीकों को अपनाकर आप आसानी से अपनी यात्रा को कंफर्म और सुरक्षित बना सकते हैं।

फेस्टीब सीजन में कैसे मिलेगी कन्फर्म टिकट?

केवल नियमित (Regular) ट्रेनों के पीछे भागने के बजाय रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों, वीकली ट्रेनों या पूजा स्पेशल गाड़ियों पर भी नजर रखें, क्योंकि इनमें कई बार भीड़ थोड़ी कम मिल जाती है और टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इन छोटी-छोटी लेकिन बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप इस त्योहारी सीजन में आसानी से कंफर्म ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं।

टिकट बुकिंग के दौरान सबसे पहली और अहम बात यह है कि आप आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट पर अपनी मास्टर लिस्ट (Master List) पहले से तैयार रखें। बुकिंग शुरू होने पर यात्रियों के नाम, उम्र और बर्थ की जानकारी भरने में कीमती सेकंड्स बर्बाद हो जाते हैं, जिससे कंफर्म टिकट हाथ से निकल जाता है।

यदि आप पहले से ही पैसेंजर की पूरी डिटेल सेव करके रखेंगे, तो बुकिंग के वक्त सिर्फ एक क्लिक में सभी यात्रियों के नाम जुड़ जाएंगे और आप तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। इसी तरह, पेमेंट का विकल्प भी पहले से ही तय होना चाहिए। टिकट बुक करते समय नेट बैंकिंग या लंबे प्रोसेस वाले विकल्पों के बजाय यूपीआई (UPI) या डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है, जिससे चंद सेकेंड्स में भुगतान पूरा हो जाता है।

इसके अलावा, ट्रेन और क्लास का चुनाव बहुत पहले से ही तय कर लेना चाहिए। बुकिंग विंडो खुलते ही यह सोचने में वक्त बिल्कुल न गंवाएं कि किस ट्रेन में सीट खाली है या स्लीपर (Sleeper) लें या थर्ड एसी (3AC)। अपनी सुविधा और प्राथमिकता के अनुसार ट्रेन नंबर और क्लास का विकल्प पहले से ही चुनकर रखें।

साथ ही, टिकटों की संख्या का भी विशेष ध्यान रखें; उदाहरण के लिए, 2AC या 1AC की तुलना में 3AC और स्लीपर कोच में सीटों की संख्या अधिक होती है, जिससे वहां कंफर्म होने के चांस थोड़े बेहतर हो सकते हैं।

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