श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को लेकर हुए प्रदर्शन पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) मंगलवार को प्रतिक्रिया दी। राहुल ने कहा कि ‘कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आखिरी चीख थी जिसकी हर आवाज को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया। मैं हर उस मजदूर के साथ हूं – जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।’ श्रमिकों के प्रदर्शन का आज पांचवां दिन है। इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा कड़ी कर दी है। फिर भी प्रदर्शन की छुटपुट घटनाएं की सूचना आ रही है।
उत्तर प्रदेश के नोएडा में विभिन्न मांगों को लेकर श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा, ‘मजदूरी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने वृद्धि की है।… इस फैसले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कल देर रात मंजूरी दे दी।’एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपये प्रति माह के बजाय 13,690 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।
नियोक्ता-श्रमिक संगठनों के साथ हुई चर्चा
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह फैसला नियोक्ता संगठनों और श्रमिक संगठनों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया गया।
जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए
यह कदम सोमवार को नोएडा में फैक्टरी श्रमिकों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है। सोमवार को हजारों श्रमिकों ने अधिक वेतन और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। जिले के कुछ हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए थे, जिसके बाद सरकार ने स्थिति से निपटने तथा श्रमिकों और नियोक्ताओं के साथ बातचीत के लिए एक समिति गठित की थीा। बयान के अनुसार, समिति बातचीत और समन्वय के माध्यम से औद्योगिक असहमति को हल करने की दिशा में काम कर रही है तथा श्रमिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए आगे उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार कर रही है।










































