नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद खिलाड़ी खेल से ही जुड़े पैसों को अपना करियर बनाते हैं, चाहे वह कमेंट्री हो, कोचिंग हो या फिर एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री। लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो क्रिकेट की चकाचौंध से दूर एक बिल्कुल साधारण और नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं। ऐसा ही कुछ किया है ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर जेवियर डोहेर्टी ने। साल 2015 में माइकल क्लार्क की कप्तानी में विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के सदस्य रहे डोहेर्टी आज किसी क्रिकेट अकादमी में कोचिंग देने के बजाय कारपेंटर का काम कर रहे हैं।
क्रिकेट छोड़ क्यों चुना कारपेंटर का काम?
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन द्वारा साल 2021 में साझा किए गए एक वीडियो में जेवियर डोहेर्टी ने अपनी इस नई पारी और कारपेंट्री सीखने के अनुभव के बारे में खुलकर बात की। डोहेर्टी ने बताया था कि ‘फिलहाल मेरी कारपेंट्री अप्रेंटिसशिप का तीन-चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है। अब मैं बिल्डिंग निर्माण स्थलों पर काम करता हूं और मुझे यह बहुत पसंद आ रहा है। खुले आसमान के नीचे अपने हाथों से काम करना और हर दिन नई चीजें सीखना, यह क्रिकेट से पूरी तरह से अलग अनुभव है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब मेरा क्रिकेट करियर खत्म हुआ, तब मुझे नहीं पता था कि मुझे आगे क्या करना है। संन्यास के बाद शुरुआती 12 महीनों में मैंने हर उस मौके को आजमाया जो मेरे सामने आया। मैंने लैंडस्केपिंग की, ऑफिस वर्क किया और थोड़ा क्रिकेट का काम भी किया… लेकिन आखिरकार मैं कारपेंट्री में पहुंच गया।’
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने की मदद
खेल से संन्यास लेने के बाद आने वाली अनिश्चितता और आर्थिक चिंताओं पर बात करते हुए डोहेर्टी ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘क्रिकेट का सफर खत्म होते ही दिमाग में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि अब आगे क्या? पैसा कहां से आएगा और मेरी जिंदगी कैसी दिखेगी? ऐसे कठिन मोड़ पर ACA ने मेरी बहुत मदद की। उनके प्लेयर डेवलपमेंट मैनेजर्स ने मुझे सही रास्ता दिखाया। इसके अलावा एजुकेशन ग्रांट के जरिए उन्होंने मेरी नई अप्रेंटिसशिप की फीस और नई शुरुआत के खर्चों में मेरी आर्थिक मदद की।’जेवियर डोहेर्टी का इंटरनेशनल करियर
डोहेर्टी ने 2010 में मेलबर्न में श्रीलंका के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। उसी साल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक एशेज सीरीज में अपना टेस्ट डेब्यू भी किया। इसके बाद 2012 में उन्होंने भारत के खिलाफ सिडनी में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 4 टेस्ट मैचों में 7 विकेट, 60 वनडे मैचों में 55 विकेट और 11 टी20 मैचों में 6 विकेट हासिल किए। 2016-17 के ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सीजन के अंत में डोहेर्टी ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।









































