पीडित किसान ने राजस्व अधिकारियों पर कृषक धनीराम को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप, प्रशासन ने काटी खड़ी धान की हरी फसल
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। लालबर्रा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मिरेगांव निवासी एक पीडि़त किसान पन्नालाल पिता बलराम चंद्रवार ने तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारियों और स्थानीय पटवारियों पर निजि भूमि की हरी फसल काटकर कृषक धनीराम पटले को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है। पीडि़त किसान ने गत दिवस जिला प्रशासन एवं क्षेत्रीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग की है। किसान का आरोप है कि ग्राम के बड़े किसान को अनैतिक रूप से लाभ पहुंचाने की नीयत से अधिकारियों ने उसकी कृषि भूमि पर लगी खड़ी धान की हरी फसल को कटवाकर फेंक दिया, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीडि़त किसान पन्नालाल के अनुसार ग्राम मिरेगांव स्थित उसकी कृषि भूमि के पास ही अन्य पड़ोसी कृषक धनीराम पटले की भूमि स्थित है। धनीराम ने तहसीलदार न्यायालय में पन्नालाल के खेत से रास्ता दिलाने का आवेदन दिया था। किसान का आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार ने उसे अपनी सफाई पेश करने या सुनवाई का कोई अवसर दिए बिना ही ४ अगस्त २०२५ को उसकी भूमि से कब्जा हटाने का आदेश पारित कर दिया। इस आदेश की जानकारी किसान को समय पर नहीं दी गई और गत दिवस बेदखली वारंट जारी कर दिया गया। किसान जब अपील दाखिल करने वारासिवनी में था, उसी दौरान गत दिवस दोपहर लगभग २ बजे अनावेदक धनीराम पटले और राजस्व विभाग के दल ने पन्नालाल के खेत पर पहुंचकर उसकी खड़ी धान की हरी फसल को काटकर फेंक दिया। ग्राम मिरेगांव के सरपंच ने फोन पर किसान को इस घटना की सूचना दी। किसान द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से एसडीएम कोर्ट में की गई अपील और चालान की रसीद भेजने के बावजूद अधिकारियों ने एक न सुनी और फसल को बर्बाद कर दिया। इस अमानवीय कृत्य से किसान को लगभग २५ हजार रूपये का नुकसान हुआ है। पीडित किसान पन्नालाल चंद्रवार ने क्षेत्रीय विधायक, उच्चाधिकारियों व पुलिस प्रशासन को शिकातय कर मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करवाने, अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल पद से हटाने, जिस किसान को लाभ पहुंचाने के लिए हरी फसल काटी गई है उस पर एवं राजस्व दल पर वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की है।
दूरभाष पर चर्चा में नायब तहसीलदार विनोदकुमार कोर्राम ने बताया कि मिरेगांव के किसान पन्नालाल ने शासकीय खसरा नंबर २३३ (रास्ते) की भूमि पर धान की फसल को लगाकर सार्वजनिक रास्ते को बाधित कर दिया था, जिससे धनीराम पटले सहित अन्य किसानों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। वहीं शिकायत की गंभीरता को लेते हुए तहसीलदार लालबर्रा द्वारा जारी आदेश १७ सितंबर २०२६ के परिपालन में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर बोई गई धान की फसल को कटवाकर शासकीय रास्ते को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करवाया है। साथ ही यह भी बताया कि किसान पन्नालाल के द्वारा जिस भूमि को निजि बता रहा है वहां राजस्व रिकार्ड में शासकीय जमीन है और अन्य किसान को लाभ पहुंचाने का जो आरोप लगाया जा रहा है सभी आरोप निराधार एवं बेबुनियाद है, नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है।






































