Sanju Samson: सैमसन ने माना कि खिलाड़ी इस मैच की अहमियत जानते थे, लेकिन मैदान पर उन्होंने दबाव को हावी नहीं होने दिया। भारत ने एशियन गेम्स में शनिवार को जापान के सानो में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता।Sanju Samson: भारत ने एशियन गेम्स में शनिवार को जापान के सानो में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का कहना है कि एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल भारत को आसानी से नहीं मिला है। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में जीत के लिए टीम को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। अनुभवी ‘ए’ टीम को उतारने के फैसले ने दबाव वाले फाइनल में भारत की मदद की। अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के अर्धशतकों से भारत ने 6 विकेट पर 211 रन बनाए, जवाब में पाकिस्तान 6 विकेट पर 192 रन ही बना सका।
पाकिस्तान के खिलाफ अनुभव काम आया
मैच के बाद सैमसन ने कहा, “हमारे पास काफी अनुभवी टीम थी। यहीं अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव काम आता है। हमें पता था कि अपनी ऊर्जा को कैसे संभालना है, खुद को कैसे प्रेरित और एकाग्र रखना है, भले ही अभ्यास या मैच नहीं हो रहे हों।” भारत ने इस बार एशियन गेम्स के लिए नियमित टी20 टीम के कई खिलाड़ियों को भेजा था। सैमसन, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम का हिस्सा थे। सैमसन ने कहा कि यह फैसला फाइनल में कारगर साबित हुआ।
ए टीम को लाना फायदेमंद रहा
सैमसन ने कहा कि ‘ए’ टीम को लाना वास्तव में काफी मददगार रहा और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भी यही देखने को मिला। मुझे लगता है कि यह सभी के लिए एक उचित मुकाबला था। उन्होंने कहा कि फाइनल एकतरफा नहीं रहा। 212 रन के टारगेट का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने आखिर तक लड़ाई लड़ी। बैटिंग फ्रेंडली पिच पर पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाया। सैमसन ने कहा, “आखिरकार हमें एक अच्छा मैच खेलने को मिला। पहली पारी में हमने 200 रन बनाए और लगा कि दूसरी पारी पाकिस्तान के लिए मुश्किल हो सकती है लेकिन विकेट अच्छा था और उन्होंने भी अच्छी बल्लेबाजी की। सभी को एक अच्छा फाइनल देखने को मिला।”थाली में परोसा नहीं मिला पदक
उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें स्वर्ण पदक थाली में परोसा हुआ नहीं मिला। इसके लिए हमें कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इससे यह जीत और भी संतोषजनक हो जाती है और हम सभी खुश हैं।” सैमसन ने माना कि खिलाड़ी इस मैच की अहमियत जानते थे, लेकिन मैदान पर उन्होंने दबाव को हावी नहीं होने दिया। सैमसन ने कहा, “निश्चित रूप से यह हम सभी के लिए अपने देश का एशियाई खेलों के फाइनल में प्रतिनिधित्व करने का बड़ा अवसर था। लेकिन एक बार मैच शुरू हो जाने के बाद हम मैच की मांग और परिस्थितियों के मुताबिक खेलते हैं।”






































