डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे को कई एक्सपर्ट ‘बहुपक्षीय दुनिया’ की शुरूआत मान रहे हैं या कई लोग इसे ‘अमेरिका की पतन’ की शुरूआत से भी जोड़ सकते हैं। लेकिन ट्रंप की यात्रा ने कुछ चीजें दुनिया को दिखा दी हैं कि चीन अब अमेरिका के बराबर खड़ा हो चुका है। डोनाल्ड ट्रंप जिन मकसदों के साथ बीजिंग गये थे जैसे कारोबार, तकनीक, ईरान, होर्मुज और द्विपक्षीय निवेश वो बहुत हद तक पूरे नहीं हो पाए। डोनाल्ड ट्रंप चीन के सामने थोड़े बहुत नखरे दिखाते नजर आए लेकिन शी जिनपिंग का धैर्य स्थिति के बारे में बता रहा था। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने लोगों को दिखाने के लिए दावा किया कि शी जिनपिंग 200 बोइंग पैसेंजर प्लेन खरीद रहे हैं लेकिन चीनी पक्ष ने बहुत प्यार से इनकार कर दिया।
लेकिन शी जिनपिंग का ‘थ्यूसीडाइड्स’ का जिक्र मौजूदा जियो पॉलिटिकल हालात को सबसे अच्छे तरीके से दिखाता है। ये एक ऐतिहासिक यूनानी शब्द है और इसे प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स ने लिखा था कि जब एक उभरती हुई शक्ति (जैसे एथेंस) पहले से स्थापित महाशक्ति (जैसे स्पार्टा) को चुनौती देती है तो दोनों के बीच युद्ध लगभग तय हो जाता है। शी जिनपिंग ने स्पष्ट कहा कि दुनिया में कोई ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ जैसी स्थायी नियति नहीं है। यह कोई प्राकृतिक नियम नहीं है जिसे बदला न जा सके। इस शब्द का उपयोग करके शी जिनपिंग परोक्ष रूप से यह स्थापित करते हैं कि चीन अब एक उभरती हुई महाशक्ति है जिसे दबाया नहीं जा सकता (जैसे प्राचीन एथेंस)।










































