दाम बढ़ते ही लालबर्रा के अधिकांश पेट्रोल पंपों में ईधन खत्म, उपभोक्ता परेशान

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के वैश्विक असर के चलते देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत की स्थिति बनी हुई है। इस वैश्विक संकट का सीधा असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। लालबर्रा नगर मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों पर कंपनियों द्वारा बेहद सीमित मात्रा में ईधन की सप्लाई की जा रही है। जिसके कारण पंपों पर आते ही पेट्रोल-डीजल कुछ ही घंटों या एक-दो दिनों के भीतर ही पूरी तरह समाप्त हो जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्तमान में स्थिति यह है कि जिस भी पेट्रोल पंप पर ईधन उपलब्ध होता है, वहां उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। व्यवस्था बनाये रखने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने भी ईधन (पेट्रोल-डीजल) देने की एक सीमा (लिमिट) तय कर दी है। इसके तहत दुपहिया वाहनों को अधिकतम २०० रूपये का पेट्रोल दिया जा रहा है। वहीं चौपहिया वाहनों को भी बहुत सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल (ईधन) मिल पा रहा है। पेट्रोल-डीजल न होने से क्षेत्र के अधिकांश पंपों पर नो स्टॉक के बोर्ड लटक गये हैं, जिससे रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले उपभोक्ता बेहद परेशान हैं।

महंगाई का दोहरा झटका

एक तरफ जहां बाजार में ईधन की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा पेट्रोल के दामों में ३ रूपये २८ पैसे और डीजल के दामों मं ३ रूपये ०९ पैसे प्रति लीटर की भारी वृध्दि कर दी गई है। पेट्रोल-डीजल में अचानक हुई मूल्य वृध्दि से आम जनता पर अचानक आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इस तरह से आमजनता पहले से ही महंगाई की मार से परेशान थे उसके बाद अब सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों में वृध्दि कर महंगाई का दोहरा झटका दिया है, जिससे सभी में आक्रोश देखा जा रहा है। लालबर्रा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मानपुर स्थित शर्मा पेट्रोल पंप, खंडेलवाल पेट्रोल पंप सहित अन्य प्रमुख पंपों पर भी पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है। ईधन (पेट्रोल-डीजल) की इस किल्लत ने स्थानीय परिवहन और कृषि कार्योंको प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सुचारू है। लेकिन जिला प्रशासन के इन दावों के विपरीत लालबर्रा के जमीनी हालात कुछ अलग है, जहां अधिकांश पंप सूखे पड़े हैं। प्रशासन के दावों और हकीकत में दिख रहे इस बड़े अंतर से आम जनता में भारी आक्रोश है। क्षेत्र के आम नागरिकों और उपभोक्ताओं ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में की गई इस मूल्य वृध्दि को तत्काल वापस ले। साथ ही क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध करवाने की मांग की है ताकि आम जनता को इस भारी परेशानी और मानसिक तनाव से राहत मिल सके।

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