AISA की नेहा बोरा ने कहा, ‘हम आपको अपना ‘लाल सलाम’ पेश करते हैं। हम जानते हैं कि आज इस देश में हर जगह जो जेन-जी आंदोलन दिखाई दे रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी। हमें रास्ता दिखाने, हमारा मार्गदर्शन करने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हम आपको बधाई देते हैं।’Neha Bora : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विपक्ष के प्रदर्शन में एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं AISA की नेहा बोरा विवादों में आ गई है। अपने एक वीडियो में उन्होंने इस प्रदर्शन की तुलना 2024 में बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन से की है। वीडियो में बोरा यह कहते हुए नजर आईं है कि इस प्रदर्शन की प्रेरणा बांग्लादेश के आंदोलन से मिली। बोरा ने आगे कहा कि छात्रों का यह आंदोलन तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर करने का वजह बना। इस आंदोलन ने हमें ‘रास्ता दिखाया’। 14 अक्टूबर के अपने इस वीडियो में नेहा बांग्लादेश के प्रदर्शनकारियों को ‘लाल सलाम’ करते दिखीं।
हम आपको बधाई देते हैं-बोरा
बोरा ने कहा, ‘हम आपको अपना ‘लाल सलाम’ पेश करते हैं। हम जानते हैं कि आज इस देश में हर जगह जो जेन-जी आंदोलन दिखाई दे रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी। हमें रास्ता दिखाने, हमारा मार्गदर्शन करने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हम आपको बधाई देते हैं।’ उन्होंने आगे दावा किया कि शेख हसीना को सत्ता से हटाने वाले आंदोलन की मुख्य मांगें लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदान के अधिकार से जुड़ी थीं। उन्होंने इसकी तुलना भारत में युवाओं के नेतृत्व में चल रहे आंदोलनों से की।धार्मिक कट्टरवाद से जोड़ने की कोशिश
उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि बांग्लादेश में शुरू हुआ आंदोलन लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों के लिए था। आज जिस आंदोलन में इस देश के युवा हिस्सा ले रहे हैं और जिसका नेतृत्व कर रहे हैं, वह भी लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की लड़ाई है।’ बोरा ने बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम को भारत में धार्मिक कट्टरवाद के विरोध से जोड़ने की भी कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के युवा एक जैसी लड़ाइयां लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि आपके देश में धार्मिक कट्टरवाद के खिलाफ जो लड़ाई आप लड़ रहे हैं, वही लड़ाई आज इस देश के जेन-जी और युवा भी लड़ रहे हैंभारत में बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन चाहती हैं बोरा-BJP
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने बुधवार को बोरा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बोरा भारत में बांग्लादेश जैसा सत्ता परिवर्तन दोहराना चाहती हैं। प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘नेहा बोरा, जिन्हें राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल कहा जाता है, यह साबित करती हैं कि राहुल का विरोध राजनीतिक नहीं है। इसका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन है।’
अगस्त 2024 में क्या हुआ था बांग्लादेश में?
बांग्लादेश में जुलाई और अगस्त 2024 के दौरान छात्रों के नेतृत्व में व्यापक आंदोलन हुआ था। इसकी शुरुआत सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों से हुई, लेकिन बाद में यह एक बड़े सरकार-विरोधी आंदोलन में बदल गया। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया। इसके बाद मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने कार्यभार संभाला।










































