भारतीय रेलवे एक नया इतिहास लिखने जा रही है। दरअसल हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत होने वाली है। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर बनी यह ट्रेन टेक्नोलॉजी के लिहाज से भी बहुत खास है। दरअसल यह ट्रेन डीजल या बिजली की मदद से नहीं बल्कि बेहद एडवांस हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी की मदद से पटरी पर दौड़ेगी।
इस तकनीक की मदद से हाइड्रोजन को बिजली में बदला जाता है। पर्यावरण के लिहाज से इस तकनीक की बड़ी खासियत है कि इसमें धुएं की जगह पानी की भाप निकलती है। यह पारंपरिक इंजन से बिल्कुल अलग है। इसमें ट्रेन के ऊपर या अंदर हाइड्रोजन टैंक और फ्यूल सेल लगे होते हैं।
जब टैंक से हाइड्रोजन फ्यूल सेल में पहुंचती है, तो इलेक्ट्रोकेमिकल प्रोसेस के जरिए बिजली बनती है। इस बिजली से ही ट्रेन चलती है।












































