न्यायालय ने दी ३ अगस्त तक पुलिस रिमांड एसआईटी के रडार पर ओर भी गिरफ्तारियां संभावित
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। गरीबों के निवाले पर डाका डालने वाले अंतरराज्यीय चावल सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस और विशेष जांच दल का शिकंजा कसता ही जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले फोर्टिफाइड चावल को ब्लैक मार्केट, एथेनॉल प्लांटों और बीयर कंपनियों में खपाने के इस बड़े फर्जीवाड़े में अब तक कुल २६ ट्रकों को जब्त किया जा चुका है। वारासिवनी से उजागर हुए इस घोटाले में पुलिस ने पूर्व राज्य मंत्री व भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे का भतिजा अविनाश कावरे और एक नए आरोपी गोपाल ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं मामले की परतें खोलने के लिए गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
दो नए आरोपी गिरफ्तार, पूर्व आरोपी की भी ली रिमांड
थाना वारासिवनी में दर्ज अपराध क्रमांक २७२/२६ भारतीय न्याय संहिता की धारा ३१६ (३),३३६(३) ,३४० (२) ,३३८ एवं ३/५ के तहत दर्ज में कार्यवाही करते हुए पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम ने दो नये आरोपी जिसमें पूर्व राज्य मंत्री व भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे का भतिजा अविनाश कावरे पिता स्व.सरोज कावरे २८ वर्ष निवासी बघोली एवं गोपाल ठाकुर पिता हीरालाल ठाकुर ५४ वर्ष निवासी आवलाझरी दोनों आरोपियों को धर दबोचा कर ३१ जुलाई को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। इसके साथ ही प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी कुंजबिहारी पटले निवासी नैतरा जो वर्तमान में जेल में था उसकी इन दो नए आरोपियों के साथ आमने सामने पूछताछ करने के लिए ३ अगस्त तक की पुलिस रिमांड न्यायालय से प्राप्त की गई है।
ऐसे चलता था यह दोहरा मुनाफा कमाने वाला खेल
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। भारतीय खाद्य निगम और मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से जो फ ोर्टिफाइड चावल गरीबों के लिए आवंटित किया जाता था उसे ट्रकों में भरकर एथेनॉल प्लांटों और बीयर कंपनियों को भेज दिया जाता था। इतना ही नहीं इस चावल को महंगे दामों पर खुले बाजार के राइस मिलर्स को बेचा जाता था। राइस मिलर्स इसी सरकारी चावल को री.साइकिल कर कस्टम मिलिंग के नाम पर वापस सरकारी गोदामों में जमा करा देते थे। इस तरह यह सिंडिकेट गरीबों के राशन की हेराफेरी कर दोहरा मुनाफ ा कमा रहा था।
एसआईटी के रडार पर कई बड़े सरगना जांच जारी
अब तक २६ ट्रकों की जब्ती यह साफ दर्शाती है कि यह घोटाला किस कदर विशाल रूप ले चुका है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस और एसआईटी मुख्य सरगनाओं उनकी बेनामी संपत्तियों और इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य राइस मिलर्स के बारे में सघन पूछताछ कर रही है। एसआईटी सूत्रों के अनुसार सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नाम जांच दल के रडार पर हैं। आने वाले दिनों में और भी वाहनों की जब्ती के साथ साथ कई गिरफ्तारियां संभव हैं। एसआईटी तेजी से साक्ष्य जुटा रही है ताकि इस अंतरराज्यीय गिरोह का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
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