चीन की फेल मिसाइल का ‘दलाल’ बना पाकिस्‍तान, ब्रह्मोस का जवाब बताकर खाड़ी देशों को चूना लगाने की तैयारी

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इस्‍लामाबाद: अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से पाकिस्‍तान खुद को खाड़ी देशों के रक्षक के रूप में पेश कर रहा है। पाकिस्‍तान सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौते को कतर जैसे दूसरे देशों को ललचाने के लिए कर रहा है। दरअसल, पाकिस्‍तानी सेना अरबों डॉलर के हथियार लेना चाहती है ताकि वह भारत के खिलाफ अपनी सैन्‍य तैयारी को मजबूत किया जा सके। ईरान के खिलाफ अमेरिकी हथियारों के फेल होने के बाद अब पाकिस्‍तान खाड़ी देशों को चीन के बनाए हथियारों की बिक्री करने के लिए ‘दलाली’ करने में जुट गया है। पाकिस्‍तान ने पहले दावा किया था कि खाड़ी देश जेएफ-17 फाइटर जेट को खरीदना चाहते हैं। अब पाकिस्‍तान ने ऑपरेशन सिंदूर का नाम लेकर ‘फतह-3’ मिसाइल को खरीदने के लिए खाड़ी देशों को लालच दिया है।

पाकिस्‍तान का दावा है कि फतह-3 मिसाइल भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का जवाब है। ऑपरेशन‍ सिंदूर के दौरान भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्‍तान के कई एयरबेस पर जमकर तबाही मचाई थी। पाकिस्‍तान ने अब चीन की तकनीक पर बनाई गई फतह म‍िसाइल के नए संस्‍करण को पेश करने का दावा किया है। पाकिस्‍तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फतह मिसाइल से हमले किए थे लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्‍टम ने उसे हवा में ही तबाह कर दिया था। एक्‍सपर्ट का कहना है कि चीन पाकिस्‍तान के रास्‍ते खाड़ी देशों के हथियार बाजार में घुसना चाह रहा है जहां अभी तक अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबदबा रहा है।

चीन के म‍िसाइल की कॉपी है पाकिस्‍तानी म‍िसाइल

पाकिस्‍तान ने भारत से निपटने के लिए रॉकेट फोर्स का गठन किया है। इसमें फतह-3 मिसाइल को शामिल किया है। पाकिस्‍तान का दावा है कि यह एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जो दक्षिण एशिया में प्रतिरोधक क्षमता को बहुत बड़ा देगी। एशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान की फतह-3 मिसाइल असल में चीन की HD-1 मिसाइल है जिसे चीन की कंपनी Guangdong Hongda ने बनाया है। इसकी स्‍पीड 2.5 से लेकर 4 मैक तक है। यह अपने साथ 240 से लेकर 450 किलोग्राम तक वारहेड ले जा सकती है। फतह-3 मिसाइल की रेंज 290 से लेकर 450 किमी तक बताई जाती है।

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