‘जीवन में नियंत्रण जरूरी है’, स्टेटस लगाने के कुछ देर बाद राजा रघुवंशी के दोस्त ने दी जान, पुलिस जांच में जुटी

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Raja Raghuvanshi Friend Suicide: इंदौर में ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी के करीबी दोस्त 34 वर्षीय अर्पित चौहान ने अरिहंत नगर स्थित एक रिश्तेदार के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके परिवार और कारोबार को संभालने में मदद कर रहा था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।इंदौर: ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी के करीबी दोस्त 34 वर्षीय अर्पित चौहान ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव अरिहंत नगर स्थित रिश्तेदार के घर में मिला। अर्पित की मौत की खबर मिलते ही राजा के भाई विपिन रघुवंशी और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। अचानक हुई इस घटना से परिवार और अर्पित के परिचित सदमे में हैं। पुलिस को फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

अन्नपूर्णा पुलिस के अनुसार अर्पित चौहान, एरोड्रम थाना क्षेत्र का रहने वाला था। पिछले कुछ समय से वह अरिहंत नगर में अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहा था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अर्पित के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर घटना की वजह पता लगाने का प्रयास कर रही है।10 सालों से जानता था परिवार

राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने बताया कि अर्पित पिछले करीब 8 से 10 साल से उनके परिवार से जुड़ा हुआ था। राजा और अर्पित की दोस्ती भी काफी पुरानी थी। दोनों साथ में ट्रांसपोर्ट का काम संभालते थे और एक-दूसरे को भाई की तरह मानते थे। राजा की शादी के समय भी अर्पित परिवार के सदस्य की तरह ही उनके साथ रहा था। राजा की मौत के बाद अर्पित ने परिवार और ऑफिस का काम संभालने में भी काफी मदद की थी।

राजा की मौत के बाद भी परिवार के साथ रहा

विपिन रघुवंशी ने बताया कि राजा की मौत के बाद ट्रांसपोर्ट से जुड़े हिसाब-किताब और दूसरे कामों में अर्पित उनकी मदद करता था। वह उनके साले के साथ मिलकर यह काम संभाल रहा था। घटना से दो दिन पहले ही उनकी अर्पित से बातचीत हुई थी। उस समय अर्पित सामान्य था। वह अपने बच्चों के साथ वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। विपिन के मुताबिक अर्पित ने कभी उनसे किसी परेशानी या तनाव की बात नहीं की थी। वह हमेशा परिवार के सदस्यों को अपना मानता था और उन्हें जीजा कहकर बात करता था।जन्मदिन के बाद लगाया था वाट्सऐप स्टेटस

बताया जा रहा है कि 30 सितंबर को अर्पित का जन्मदिन था। उसने इंटरनेट मीडिया पर भी स्टेटस लगाया था। घटना से कुछ समय पहले उसने वाट्सऐप पर लिखा था कि जीवन में नियंत्रण बहुत जरूरी है। अगर आमदनी कम हो तो खर्च पर और आमदनी ज्यादा हो तो शब्दों पर नियंत्रण रखना चाहिए। इसके कुछ समय बाद ही उसने फांसी लगा ली।

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