नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सालाना आम बैठक (AGM) अगले महीने होनी है। लेकिन इसमें अड़चन आ सकती है। इसकी वजह कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में कोरम की शर्त है। इस कारण मीटिंग में मुश्किल हो सकती है। इस मीटिंग के एजेंडे में एक अहम मुद्दा कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्ति है। कंपनी में उनकी चेयरमैनशिप बोर्ड में उनके पद पर निर्भर करती है। डायरेक्टर का पद न रहने पर वह चेयरमैन भी नहीं रह सकते।
टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के आर्टिकल 86 के मुताबिक कंपनी की एजीएम में कम से कम पांच सदस्यों का व्यक्तिगत रूप से मौजूद होना जरूरी है। इनमें सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) द्वारा संयुक्त रूप से नॉमिनेट किया गया प्रतिनिधि भी शामिल होना चाहिए, बशर्ते उनके पास कंपनी की कम से कम 40% इक्विटी हो। इसमें कोई दिक्कत नहीं थी क्योंकि दोनों ट्रस्टों के पास टाटा संस में करीब 66% हिस्सेदारी है।









































