मध्यप्रदेश के दतिया उपचुनाव ने भाजपा के लिए सिर्फ एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं है। इसने अब संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता की परीक्षा का रूप ले लिया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद पार्टी के भीतर विरोध, प्रदर्शन और असंतोष सामने आया था।
अब मतदान से पहले भाजपा नेतृत्व हर नेता और कार्यकर्ता की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनाव खत्म होने के बाद संगठन की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।भाजपा ने शुरू की अंदरूनी समीक्षा
पार्टी के भीतर यह आकलन किया जा रहा है कि कौन नेता और कार्यकर्ता अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय हैं और कौन निष्क्रिय या संगठन की लाइन से अलग भूमिका निभा रहा है। स्थानीय फीडबैक के साथ संगठन स्तर पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।









































