स्थानीय सिविल लाईन स्थित संचालित होने वाली दूध डेयरी से निकलने वाला दूषित पानी और दुर्गंध से वार्ड के वार्डवासियों का रहना दूभर हो गया है यह विभाग की उदासीनता कहे या फिर विभाग द्वारा इस दूषित पानी की स्थाई निकासी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण यह समस्या सालों से बनी हुई है
आपको बता दें कि दूध डेयरी विभाग द्वारा यहां पर वर्षो से दूध डेयरी संचालित की जा रही है एवं किसके दूषित पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है बताया जाता है कि इसके पूर्व दूध डेरी का पानी मोती तालाब में चले जाता था जिससे वार्ड वासियों को तकलीफ नहीं होती थी किंतु जब मोती तालाब में पानी जाने के विषय को मीडिया द्वारा प्रमुखता यह विषय को उठाया गया था तो विभाग और नगर पालिका के द्वारा आनन-फानन में यह पानी को बंद करके पक्की नाली निर्माण कर व्यवस्था बनाई गई थी किंतु अब यह निकासी का पानी वार्ड वासियों की समस्या बन गई है जब हमारे द्वारा इस दूषित पानी की निकासी को लेकर पड़ताल की गई तो हमने देखा कि डेयरी विभाग द्वारा एक बड़ा सा टांका बनाकर इसे नाली के माध्यम से पानी को वहीं पर रोका जाता है एवं टांका फुल होने पर मोटर के माध्यम से 15 या 20 दिन बाद इस दूषित जल को बहाया जाता है जब यह दूषित जल मोटर के माध्यम से बहता है तो पूरे वार्ड में हवा के साथ इसकी बदबू फैल जाती है एवं वार्ड वाले इस समस्या को सालों से झेल रहे हैं
इस संबंध में वार्ड वासी प्रमिला जागड़े बताती हैं कि गंदे पानी की समस्या से वाह बहुत सालों से परेशान हैं एवं जब बारिश का समय आता है तब तो हमें अपने घरों में रहने की इच्छा तक नहीं होती है यहां पर 20 से 25 घरवाले सबसे ज्यादा इससे परेशान हैं यहां पर ना ही नालियों की सफाई होती है और ना ही कोई विभाग का कर्मचारी इस ओर ध्यान देता है जबकि देखा जाए तो नगर पालिका के द्वारा कहा गया था कि चुनाव के समय उनकी सारी समस्या दूर की जाएगी किंतु चुनाव के बाद बड़े-बड़े वादे सब व्यर्थ ही साबित हुई
बाइट प्रमिला जागड़े
वही एक और वार्डवासी हिवका वैद्य बताती हैं कि वह भी 35 सालों से वहां पर रह रही हैं एवं जिस प्रकार के वार्ड के हालात हैं उसको देखने के लिए कोई यहां पर नहीं आता है और जब डेरी का पानी छोड़ा जाता है तब उनको घरों में रहने की इच्छा तक नहीं होती है इस समस्या से अब हमें आदत सी हो गई है रहने की हमें नहीं लगता कि इस समस्या का कोई समाधान निकल भी पाएगा जबकि होना यह चाहिए कि डेहरी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को इस बार प्रमुखता से ध्यान देना चाहिए था क्यूकी यह एक रहवासी क्षेत्र है
वही इस पूरे मामले को लेकर दूरभाष पर चर्चा के दौरान वार्ड क्रमांक 23 के पार्षद जितेन्द्र कवाचे ने बताया कि दूध डेयर से जो दूषित पानी निकलता है वह सही में दुर्गंध युक्त होता है एवं इसकी समस्या मुझे भी पता है अब हमारे द्वारा सबसे पहले दूध डेयर विभाग को नोटिस भेजा जाएगा एवं जो नाली की साफ-सफाई की बात है उसको हमारे द्वारा कल ही नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के द्वारा नाली को साफ करवाया जाएगा और वार्ड वासियों को जो समस्या हो रही है उस समस्या का समाधान किया जाएगा









































