न्याय के लिए थाने के चक्कर काटने को मजबूर पीडि़ता
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी थाना अंतर्गत ग्राम बडग़ांव के नयाटोला में एक बुजुर्ग महिला के घर में दिनदहाड़े चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। घटना बीते २४ जून की है जब पीडि़ता उर्मिला राडे पति मोहन राडे उम्र ५५ वर्ष अपने घर के भीतर स्नान करने गई थीं। इसी बीच अज्ञात तत्वों के द्वारा घर में रखे करीब १८००० रुपये नकद पार कर दिए गए। घटना के बाद से पीडि़त महिला न्याय और अपने मेहनत की गाढ़ी कमाई वापस पाने के लिए लगातार वारासिवनी थाने के चक्कर काट रही है ,परंतु पुलिस प्रशासन की कथित उदासीनता के कारण अब तक मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।
नागपुर में मजदूरी कर जुटाए थे पैसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार नयाटोला निवासी उर्मिला राडे का परिवार बेहद गरीब है और मजदूरी ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। उर्मिला अपने परिवार के साथ नागपुर के दो नंबर नाके के पास रहकर कड़ी मेहनत और मजदूरी करती थीं। दिन रात पसीना बहाकर जोड़ी गई रकम को लेकर वह बीते १० जून को ही अपने गृह ग्राम नयाटोला लौटी थीं। घटना वाले दिन यानी २४ जून को उर्मिला प्रतिदिन की तरह अपने दैनिक कार्यों में लगी हुई थीं। उन्होंने चूल्हे के पास एक थैली और पन्नी में अपने करीब २०००० रुपये रखे थे और स्वयं नहाने चली गईं। जब वह स्नान कर बाहर लौटीं तो उनके होश उड़ गए चूल्हे के पास रखी रुपयों से भरी थैली गायब थी। छानबीन करने पर पता चला कि थैली में से करीब १८००० रुपये गायब थे। रुपये गायब होने के बाद जब पीडि़त महिला ने आस पड़ोस के लोगों से पूछताछ की तो कुछ ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले के ही कुछ बच्चे वह पैसे लेकर गए हैं। इस संबंध में जब महिला ने बच्चों के माता पिता से बात की तो उन्होंने साफ मना कर दिया। मामले को सुलझाने के लिए ग्राम में एक सामाजिक बैठक मीटिंग भी बुलाई गई। बैठक में जब बच्चों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही थी और चोरी का राज खुलने ही वाला था तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने हस्तक्षेप करते हुए सभी बच्चों को वहां से भगा दिया जिससे मामला पूरी तरह से उलझ गया। ग्रामीण स्तर पर कोई समाधान नही निकलने के बाद हताश पीडि़ता ने २७ जून को वारासिवनी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पड़ोस के बच्चों के द्वारा पैसे निकालने का संदेह व्यक्त किया गया था। पीडि़ता का आरोप है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। पुलिस द्वारा नही तो अब तक घटना स्थल का मौका निरीक्षण किया गया और ना ही पीडि़ता से विस्तार से चर्चा की गई है। वर्तमान में पीडि़त बुजुर्ग महिला मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान है। मजदूरी के पैसों की चोरी हो जाने से परिवार के सामने संकट खड़ा हो गया है। पीडि़ता ने पुलिस के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच की जाए, संदेही बच्चों व उनके परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की जाए और उसकी मेहनत की कमाई उसे वापस दिलाई जाए।
बाइट उर्मिला राडे पीड़िता










































