लालबर्रा में पर्यटकों का इंतजार खत्म, १५ अक्टूबर से खुलेंगे सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र के गेट
पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। १ अक्टूबर से सभी नेशनल पार्कों में जंगल सफारी शुरू हो चुका है और इन क्षेत्रों में पर्यटक भ्रमण कर वन्यप्राणियों का दीदार कर रहे है। इसी तरह लालबर्रा क्षेत्र के सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र (कंर्जेवेशन एरिया) में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी १ अक्टूबर से शुरू करने एवं सडक़ों का मरम्मत कार्य करने की मांग हेतु गत दिवस वाईल्ड लाईफ वाहन संचालक संघ सोनेवानी लालबर्रा के पदाधिकारी एवं वन्यप्रेमियों ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौपे थे। लेकिन नेशनल पार्कों में जंगल की सफारी १ अक्टूबर से शुरू हो चुकी है किन्तु लालबर्रा क्षेत्र के सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र का भ्रमण के लिए गेट नही खोला गया है। जिससे क्षेत्रीय पर्यटकों में नाराजगी देखी जा रही है। जिप्सी संचालक एवं पर्यटकों ने दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा से जल्द सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र को सफारी के लिए प्रारंभ किये जाने की मांग की है। वहीं संभवत: दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा के अंतर्गत आने वाला प्रसिध्द सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र आगामी १५ अक्टूबर से पर्यटकों और आम जनता के लिए फिर से खोल दिया जायेगा। बारिश के मौसम के बाद इसे अब दोबारा शुरू करने के लिए वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बारिश के कारण जिन कच्चे रास्तों और जिप्सी मार्ग खराब हो चुके थे, उनकी मरम्मत का काम तेजी से जारी है ताकि सैलानियों को सुगम और सुरक्षित सफर का अनुभव मिल सके।
कम खर्च और कम समय में दुर्लभ वन्यजीवों के होगें दीदार
गौरतलब है कि देश भर के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान और नेशनल पार्क १ अक्टूबर से ही पर्यटकों के लिए खोल दिये गये हैं। इसके बाद से ही स्थानीय नागरिकों और प्रकृति प्रेमियों द्वारा सोनेवानी वन्यजीव परिक्षेत्र को भी जल्द से जल्द खोलने की मांग कर रहे है। वन विभाग द्वारा १५ अक्टूबर तक सोनेवानी वन्यजीव परिक्षेत्र को खोला जा सकता है। जिससे क्षेत्र के पर्यटन प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र जैव विविधता के मामले में बेहद समृध्द माना जाता है। इस परिक्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, हिरण और बायसन (भारतीय गौर) जैसे कई दुर्लभ वन्यजीव बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जो अक्सर मुख्य मार्गों के आसपास आसानी से विचरण करते हुए नजर आते हैं। आमतौर पर लोग वन्यजीवों को देखने के लिए बड़े नेशनल पार्कों में हजारों-लाखों रूपये खर्च करते हैं और काफी समय भी बिताते हैं। वहीं दूसरी ओर सोनेवानी वन्यजीव परिक्षेत्र में स्थानीय लोगों और सैलानियों को बेहद कम खर्च और कम समय में ही इन सभी दुर्लभ जीवों का दीदार हो जाता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र हमेशा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। वहीं सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की सघनता के कारण पूरे क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। इसकी बढ़ती ख्याति और महत्ता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों तथा वन्यजीव प्रेमियों द्वारा इसे पूर्ण अभ्यारण्य का दर्जा दिये जाने की मांग लंबे समय से लगातार उठाई जा रही है। १५ अक्टूबर से गेट खुलने के बाद एक बार फिर यहां पर्यटकों की चहल-पहल बढऩे की पूरी उम्मीद है।
दूरभाष पर दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा के प्रभारी रेंजर छत्रपाल जादौन ने बताया कि सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र में भ्रमण पर बरसात के पूर्व प्रतिबंध लगा दिया गया था। बारिश होने के कारण जंगल क्षेत्र के रास्ते खराब हो चुके है, जिसका मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। जल्द ही इस सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र का गेट सफारी के लिए खोल दिया जायेगा। जिसके बाद शासन के नियमानुसार क्षेत्रीय पर्यटक जंगल क्षेत्र का भ्रमण कर वन्यप्राणियों का दीदार कर सकते है।










































