काठमांडू: नेपाल की सत्ताधारी पार्टी आरएसपी के चीफ रबि लामिछाने और विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस महीने के शुरुआत में भारत का दौरा किया है। इन नेताओं की पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत हुई है। यह बैठकें इस साल दोनों देशों के बीच सबसे अहम कूटनीतिक मुलाकातों में से एक साबित हो सकती हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि अब नेपाली पीएम बालेन शाह को आगे बढ़ते हुए दिल्ली आना चाहिए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होंगे।
ऋषि सूरी ने रिपब्लिका में अपने लेख में कहा है कि क्षेत्रीय राजनीति अनिश्चितता और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच नेपाल और भारत ऐसे रिश्ते को मजबूत कर रहे हैं, जो बड़े-बड़े बयानों पर नहीं बल्कि व्यावहारिक सहयोग पर आधारित है। दोनों पक्ष व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा सहयोग, जल संसाधन, खेल कूटनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
खनाल का दिल्ली दौरा
नेपीली विदेश मंत्री शिशिर खनाल का भारत दौरा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है। नई दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। नेपाल के विदेश मंत्री का भारत के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी से बैठक दोनों पड़ोसियों के बीच हो रही बातचीत की गहराई और परिपक्वता को दर्शाता है।खनाल की यात्रा से ठीक वहले नेपाल की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने ने भारत की एक हाई-प्रोफाइल यात्रा की, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। खनाल और लामिछाने की यात्राएं दिखाती हैं कि नेपाल और भारत के बीच संबंधों का एक नया दौर शुरू हो रहा है।










































