Shravan Kumar: श्रवण कुमार को जदयू (JDU) विधायक दल के नेता चुना गया। जेडीयू विधायकों की बैठक में अंतिम फैसले के लिए नीतीश कुमार को अधिकृत किया गया था। नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है।
बिहार के नालंदा विधानसभा क्षेत्र से जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने 2025 के चुनाव में लगातार आठवीं बार जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि श्रवण कुमार, नीतीश कुमार की ही जाती और उनके गृह जिले से ताल्लुक रखते हैं।
निशांत कुमार ने दी बधाई
पूर्व मंत्री नीतीश कुमार के करीबी श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुने जाने पर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने कहा कि अच्छा है मैं उन्हें बधाई देता हूं।
सोमवार को हुई थी विधायकों की मीटिंग
इससे पहले सोमवार को पटना स्थित 7 सर्कुलर रोड में बैठक बुलाई गई थी। इसमें विधायकों के अलावा जदयू के वरिष्ठ नेता जैसे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और संजय झा भी खुद मौजूद थे। इस बैठक में फिलहाल फैसला यही लिया गया कि नीतीश कुमार ही विधायक दल का नेता चुनेंगे। जदयू ने इसके लिए अपने अध्यक्ष को ही अधिकृत कर दिया।
ये बैठक सिर्फ 15 मिनट चली। इसमें सबसे पहले डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को अधिकृत करने का प्रस्ताव रखा था।
श्रवण कुमार की राजनीतिक जीवन पर एक नजर
श्रवण कुमार 1995 से लगातार नालंदा विधानसभा सीट से जीत दर्ज करते आ रहे हैं। वे मूल रूप से समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। साल 1994 में जब नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस ने समता पार्टी का गठन किया, तभी से श्रवण कुमार नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। हाल ही में श्रवण कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।










































