पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा में एक बार फि र स्वास्थ्य सेवाओं की कथित लापरवाही के चलते एक परिवार का चिराग बुझ गया। समय पर उचित डॉक्टरी इलाज नहीं मिलने के कारण १२ जून को एक ४५ वर्षीय व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। जिसका मुख्य कारण है कि जिस चिकित्सक की डयूटी अस्पताल में थी वह नदारत था। जिस कारण से समय पर इलाज नही मिलने से परिवार के मुखिया की मौत हो गई। इस दु:खद घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। साथ ही ग्रामीणों और परिजनों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं मृत व्यक्ति के परिजनों एवं ग्रामीणों ने डयूटी में तैनात रहने के बाद अस्पताल से गायब चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से ऐसे लापरवाह चिकित्सक पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पांढरवानी के अंतर्गत आने वाले ग्राम आमाटोला निवासी ४५ वर्षीय छबिलाल नागेश्वर अपने तीन साथियों के साथ आमाटोला निवासी शैलेष रंगारे के मकान में शुक्रवार काम करने गये थे तभी शाम में अचानक उनकी तबियत खराब हुई और गिर गये। जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ते देख उनके साथ एवं मकान मालिक ने आनन फ ानन में उन्हें शाम करीब ६ बजे उपचार के लिए शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा लेकर पहुंचे, जहां पर समय पर चिकित्सक नहीं होने व उपचार नहीं मिलने से व्यक्तिकी मौत हो गई। वहीं मृत व्यक्ति के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करवाने के काफ ी देर बाद तक भी मरीज को कोई आपातकालीन चिकित्सा या वरिष्ठ डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिल सकीं। परिजनों ने बताया कि वे बार-बार डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ से इलाज शुरू करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से संवेदनहीनता नही दिखाई गई। सही समय पर प्राथमिक उपचार और दवाइयां न मिलने के कारण छबिलाल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंतत: उन्होंने अस्पताल परिसर में ही तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं परिजनों का कहना है वे समय पर मरीज को अस्पताल लेकर आ गये थे और डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया होता तो आज हमारे घर का सदस्य (परिवार) का मुखिया हमारे बीच होता। यह सीधे तौर पर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही है। छबिलाल नागेश्वर की असमय मौत की खबर जैसे ही उनके गृह ग्राम आमाटोला पांढरवानी पहुंची तो पूरे गांव में शोक की लहर व्याप्त हो गई है। इस घटना ने एक बार फि र लालबर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाये और दोषी डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े।
बीएमओं डॉ रितु धुर्वे से दूरभाष पर अस्पताल में डयूटी में तैनात चिकित्सक के उपस्थित नही रहने एवं अस्पताल में भर्ती मरीज को समय पर उपचार नही मिलने से उसकी मौत हो जाने के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नही हो पाया।
बाईट – इंद्रराज मेश्राम ग्रामीण – आमाटोला।










































