10 लाख करोड़ रुपये की Tata Sons को हर हाल में लाना होगा IPO? नोएल टाटा की योजना पर RBI ने फेरा पानी

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नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से बड़ा झटका लगा है। आरबीआई ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) का रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की मांग को खारिज कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कंपनी से देश की बड़ी अपर लेयर निवेश कंपनियों पर लागू नियमों का पालन करने को कहा है। इससे टाटा संस के शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना काफी बढ़ गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि टाटा संस को सितंबर 2025 तक लिस्टिंग करनी थी और कंपनी पहले ही आरबीआई के नियमों के दायरे में आ चुकी थी। अब 11 सितंबर के आरबीआई के फैसले से निजी बने रहने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है। टाटा संस की वैल्यूएशन अभी 10 लाख करोड़ रुपये या इससे ज्यादा बताई जाती है।

आवेदन स्वीकार करने से किया इनकार

केंद्रीय बैंक आरबीआई ने 11 सितंबर को टाटा संस को भेजे पत्र में कहा है कि कंपनी की CIC रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने Tata Sons को लागू रेगुलेटरी नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

टाटा संस ने 28 मार्च 2024 को अपना सीआईसी रजिस्ट्रेशन वापस करने के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने लिस्टिंग की अनिवार्यता से बचने के लिए अपना पूरा कर्ज भी चुका दिया था। हालांकि, आरबीआई के नियमों के मुताबिक कुछ बड़ी Upper Layer निवेश कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग जरूरी है।

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