10 से 12 बार आ चुके है, आज तक नही मिला इंसाफ

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पंचायत कार्यो में कथित अनिमियताओ को लेकर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
बहियाटिकुर पंचायत में लाखों की अनियमितताओं का लगाया आरोप सौपा ज्ञापन
कच्ची सड़क, अधूरे निर्माण और योजनाओं की जानकारी नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
कार्यवाही की करी मांग, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट। जनपद पंचायत लालबर्रा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बहियाटिकुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं, अधूरे निर्माण कार्यों और ग्रामीणों को धमकाने के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के कामकाज से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गांव के जागरूक युवा ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और शिकायत सौंपकर पंचायत के विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि इसी शिकायत को लेकर 10 से 12 बार कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत कार्यालय में ज्ञापन सौप चूके है लेकिन आजतक उनकी शिकायत पर कार्यवाही नही हुई, जहां कार्यवाही तो दूर की बात आज तक शिकायतों की जांच तक नही कराई गई है।जिसपर अपनी नारजगी जताते हुए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जिला स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सीधा हाईकोर्ट जाएगे।

शासकीय राशि का किया जा रहा दुरपयोग
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में निर्माण कार्यों के नाम पर कथित तौर पर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। फर्जी मस्टर रोल, बिल-वाउचर और अधूरे निर्माण कार्यों के बावजूद राशि आहरित किए जाने की शिकायत की गई है। वहीं, पंचायत के जिम्मेदारों पर शिकायत करने वाले ग्रामीणों को धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले में पंचायत पदाधिकारियों के साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

कच्ची सड़कें, गंदगी और अधूरे निर्माण से परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की कई सड़कें खराब हालत में हैं। श्मशान घाट तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। कच्ची सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों को लेकर मनमानी की जा रही है और कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। इसके बावजूद कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान की स्थिति की समुचित जांच नहीं हो रही है।ग्रामीणों ने खोद तालाब में सिंघाड़ा उत्पादन के कारण जल प्रदूषण की समस्या भी उठाई और संबंधित विभाग से इसकी जांच कराने की मांग की है।

योजनाओं की जानकारी नहीं, केवाईसी के नाम पर राशि मांगने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों को नहीं दी जाती। इससे पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। ग्रामीणों ने सचिव और ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) पर केवाईसी एवं ई-केवाईसी के नाम पर राशि मांगने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने प्रशासन से इन शिकायतों की जांच कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।

25 बिंदुओं पर जांच की मांग, समिति पर टालमटोल का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। उनका दावा है कि शिकायत के बाद सात दिन में जांच समिति गठित करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक मौके पर पहुंचकर जांच नहीं की गई। इसी कथित देरी से नाराज ग्रामीणों ने जिला पंचायत पहुंचकर फिर से शिकायत दर्ज कराई।ग्रामीणों ने पिछले पांच वर्षों के आय-व्यय, बैंक खातों और कैशबुक का ऑडिट, निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन, जीएसटी बिलों की जांच, सीसी रोड, नाली एवं पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच, मनरेगा के मस्टर रोल और हाजिरी का सत्यापन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल कराने की मांग की है। शिकायत में कथित फर्जी बिल-वाउचर के आधार पर भुगतान और अधूरे कार्यों की राशि निकाले जाने के आरोप भी शामिल हैं।

रोजगार कार्ड में रिश्तेदार का नाम होने का भी आरोप
ग्रामीण अनिल कुमार रंगारे, आदित्य चौधरी, गुलशन उइके सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कुछ कार्य अधूरे होने के बावजूद उनकी राशि निकाल ली गई। ग्रामीणों ने सरपंच के जेठ का नाम रोजगार कार्ड में दर्ज होने का आरोप लगाते हुए इसकी भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पंचायत के समस्त विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच, वित्तीय अभिलेखों का सत्यापन और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

सचिव,आरोपों को बता चुके है निराधार
आपको बताए कि इसी मामले को लेकर इसके पूर्व नही ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन सौपा गया था।जहां, पंचायत सचिव अनिरुद्ध लांजेवार ने ग्रामीणों को धमकाने और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने कहा तहस कि जिस कच्ची सड़क को लेकर शिकायत की जा रही है, वह खेतों तक जाने वाला मार्ग है। बारिश के दौरान ट्रैक्टरों की आवाजाही के कारण सड़क खराब हुई है।जिसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।उन्होंने अन्य आरोपो को भी झूठा व बेबुनियाद बताया था।

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