16460 हजार फीट की ऊंचाई वाले गोरिचेन ग्लेशियर पर चढ़कर इंदौर की कनिका रघुवंशी ने टॉप-5 में पाई जगह

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 इंदौर। इंदौर की कनिका रघुवंशी ने अरुणाचल प्रदेश में देरांग के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स में माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया है। इसमें शामिल हुए प्रतिभागियों में उन्होंने टॉप-5 में अपनी जगह बनाई। वे राऊ के उमिया कन्या कॉलेज में बीबीए फर्स्ट ईयर की छात्रा हैं।

इस कठिन कोर्स को पूरा करने के लिए लिए उन्होंने 12 किलो वजनी बैग लेकर 16460 फीट के ग्लेशियर पर चढ़ाई की। इस चढ़ाई में कोर्स में शामिल कई प्रतिभागियों का हौसला जब टूटने लगा तो कनिका को अपनी शुरुआती तैयारी काम आई।1 एमपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी की एएनओ कैप्टन नम्रता सावंत की सलाह पर कोर्स में शामिल होने से पहले ही कनिका ने बैंग में ईंटें भरकर रनिंग की थी। शुरुआत में की गई यह तैयारी ही उन्हें ग्लेशियर पर चढ़ने में काम आई।

कई तरह की ट्रेनिंग दी गई

कनिका के अनुसार कोर्स के दौरान उन्हें एशिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल क्लाइम्बिंग वॉल पर चढ़ने की प्रैक्टिस कराई गई थी। इसके साथ ही जंगल में कैसे रहते हैं, ट्रैकिंग, रिवर को कैसे क्रास करते हैं इसके साथ ही रॉक क्लाइम्बिंग भी उन्हें सिखाई गई थी। इसमें जंगल में सर्वाइव करने के लिए उन्हें खुद टेंट लगाना और खाना बनाने की ट्रेनिंग दी गई।

आइस क्लाइम्बिंग भी की

कोर्स के दौरान हुई एक मील की दौड़ में वो सभी प्रतिभागियों में दूसरे स्थान पर रही थीं। माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान उन्हें जितांग में 13500 फीट और फिर मेराथांग कैंप जो 14700 फीट की ऊचाई पर स्थित है, वहां तक ले जाया गया। इसके बाद गोरिचेन ग्लेशियर पर 16460 फीट ऊंचाई वाली चढ़ाई शुरू हुई। इस दौरान कनिका ने आइस क्लाइम्बिंग की प्रैक्टिस भी की।

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