पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का दावा जमीनी स्तर पर फेल होता नजर आ रहा है। शासन के
निर्देशानुसार क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी का कार्य प्रारंभ तो हो चुका है, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लालबर्रा मुख्यालय से लगभग ४ किमी दूर स्थित कृषि उपज मंडी बकोड़ा में बनाये गये खरीदी केंद्र पर मिरेगांव सेवा सहकारी समिति के द्वारा गत २२ अप्रैल से समर्थन मूल्य में चना की खरीदी की जा रही है और अब तक २५ किसानों ने ६४५ क्विंटल चना की खरीदी की गई है। किन्तु सर्वर नही चलने एवं बारदाने खत्म हो जाने के कारण उपज खरीदी करने में समिति के कर्मचारियों के साथ ही किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यानि कि सर्वर डाउन होने और बारदाने की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।जिससे किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
पोर्टल पर दर्ज नही हो पा रही खरीदी
आपकों बता दे कि शासन के द्वारा रबी सीजन की दलहन फसल चना की खरीदी समर्थन मूल्य ५८७५ रूपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जा रही है और लालबर्रा विकासखंड के किसानों की उपज खरीदी करने के लिए कृषि उपज मंडी बकोड़ा को खरीदी केन्द्र बनाया गया है जहां सेवा सहकारी समिति मिरेगांव के द्वारा गत २२ अप्रैल से खरीदी की जा रही है। वहीं किसानों के द्वारा उपज विक्रय करने के लिए स्लाट बुक भी करवा लिये गये है किन्तु बारदान खत्म हो जाने एवं सर्वर नही चलने के कारण किसानों की उपज की समय पर खरीदी नही हो पा रही है। ऐसी स्थिति में उन्हे इस भीषण गर्मी में परेशान होना है। जबकि समिति के द्वारा सर्वर डाउन एवं बारदाने खत्म हो जाने की जानकारी से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है लेकिन अब तक बारदाना नही भेजा गया है न ही सर्वर की समस्या को दुर किया गया है। ऐसी स्थिति में जिन किसानों की उपज को तौल लिया गया है उसे ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज नही किया गया है पोर्टल पर एंट्री न होने से किसानों को रसीद मिलने में देरी हो रही है, जिससे किसानों को भुगतान रूकने का डर सता रहा है। वहीं
किसान रोजाना पोर्टल पर जो उपज विक्रय किये है उसे दर्ज करवाने के लिए खरीदी केन्द्र पहुंच रहे है लेकिन सर्वर नही चलने से उन्हे बिना काम करवाये बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। जिससे किसानों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचे किसानों का कहना है कि वे सुबह से ही उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण समय पर तुलाई व अन्य कार्य नही हो पा रहे है। साथ ही सर्वर डाउन होने की वजह से ऑनलाइन एंट्री और पोर्टल संबंधी काम घंटों ठप रहते हैं। जिसके कारण किसानों को इस भीषण गर्मी में अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं और समय पर काम नही होने से परेशान है। प्रशासन को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए।
बारदाने का अभाव बना बड़ी बाधा
खरीदी केंद्र पर केवल सर्वर ही नहीं, बल्कि बारदाने की कमी भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। किसानों ने बताया कि उपज की आवक अधिक है, लेकिन उस अनुपात में खाली बोरे (बारदाने) उपलब्ध नहीं हैं। बारदाना न होने के कारण कई किसानों की उपज की तुलाई नही हो पाई है, किसानों ने मंडी परिसर में भी डम्प कर दिये है। जबकि लालबर्रा विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाली ७७ ग्राम पंचायतों के १०४ गांवों के किसानों की चना उपज की खरीदी हेतु मात्र एक खरीदी केन्द्र कृषि उपज मंडी बकोड़ा को बनाया गया है। जहां बड़ी संख्या में किसान अपनी चना उपज को समर्थन मूल्य में विक्रय करने के लिए पहुंच रहे है। लेकिन बारदाना खत्म हो जाने के कारण खरीदी कार्य प्रभावित हो चुका है। इस तरह से बारदाने का अभाव खरीदी कार्य में बाधा बना हुआ है। साथ ही सर्वर डाउन होने के कारण ऑनलाईन एंट्री भी नही हो पा रही है, ऐसी स्थिति में किसानों को समय पर भुगतान नही होने पर उन्हे परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द बारदाने उपलब्ध करवाने एवं सर्वर डाउन की समस्या को दुर करने की मांग की है।
दूरभाष पर चर्चा में कृषि उपज मंडी बकोड़ा खरीदी केन्द्र के आपरेटर राज फुलबांधे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गत २२ अप्रैल से समर्थन मूल्य में चना खरीदी की जा रही है और अब तक २५ किसानों ने ६४५ क्विंटल चना की खरीदी की गई है। लेकिन बारदाना खत्म हो जाने एवं सर्वर नही चलने से खरीदी कार्य प्रभावित हो रहा है। उक्त समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। बारदाने उपलब्ध होते ही खरीदी कार्य तीव्र गति से किया जायेगा।










































