पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के बीच चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अभूतपूर्व और कड़ा कदम उठाया है। राज्य के संवेदनशील इलाकों में बमबाजी और हिंसा की आशंका को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी NIA (National Investigation Agency) के अधिकारियों को तैनात किया गया है। यह फैसला विशेष रूप से उन सीटों पर लिया गया है जहां पहले चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है।
इन 7 विधानसभा क्षेत्रों में NIA की पैनी नजर
आतंकवाद विरोधी संघीय एजेंसी के अधिकारियों को दक्षिण 24 परगना और आसपास के 7 प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इनमें भांगड़, कस्बा, बरुईपुर और बिष्णुपुर में NIA के दस्ते बूथों पर सक्रिय रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय विशिष्ट खुफिया इनपुट्स और बम धमाकों के माध्यम से मतदान बाधित करने की साजिशों को नाकाम करने के लिए लिया गया है।
क्यों पड़ी NIA की जरूरत?
गौरतलब है कि 26 अप्रैल को दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में एक कथित TMC कार्यकर्ता के घर से भारी मात्रा में कच्चे बम बरामद हुए थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर NIA ने राज्य में 79 कच्चे बमों की बरामदगी के मामले में पहले ही FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को जांच में केंद्रीय एजेंसियों को










































