इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्तान के साथ इस समय कोई सीजफायर लागू नहीं है। इस्लामाबाद का यह बयान काफी अहम है, क्योंकि इसी मार्च में ईद के त्योहार से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक अस्थायी सीजफायर पर सहमति जताई थी। इस्लामाबाद ने कहा था कि उसने सऊदी अरब, कतर और तुर्की के कहने पर लड़ाई रोकी थी।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में तनाव
इसके पहले दोनों देशों के बीच भीषण लड़ाई हुई थी, जो दशकों में सबसे बड़ा टकराव था। इसकी शुरुआत फरवरी में हुई, जब अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान की सेना ने पाकिस्तान की सीमा पार करके हमला बोल दिया। ये हमले अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में किए गए थे। दोनों पक्षों में कई दिनों तक सैन्य झड़पें चली थीं, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को सैकड़ों सैनिकों को मारने का दावा किया था।
पाकिस्तान का सीजफायर से इनकार
शनिवार को पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि फिलहाल कोई अस्थायी सीजफायर लागू नहीं है। ईद के मौकों पर हुए सीजफायर पर उन्होंने कहा कि वह सिर्फ तीन दिनों का एक तय समय के लिए विराम था, जो उस समय ही खत्म हो गया था। पाकिस्तान के बयान से यह सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तानी सेना एक बार अफगानिस्तान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन की तैयारी कर रही है।
विदेश मंत्रालय ने शनिवार को ही एक अलग बयान में बताया कि सीजफायर की घोषणा के बाद अफगानिस्तान की तरफ से सीमा पार हमलों में 52 आम नागरिक मारे गए हैं और 84 घायल हुए हैं। इस्लामाबाद का कहना है कि अफगान तालिबान अपने इलाके का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी गुटों को करने देता है। यह आरोप खास तौर पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP को लेकर है, जिसे पाकिस्तानी तालिबान भी कहा जाता है। इस्लामाबाद का कहना है कि इन गुटों को भारत का समर्थन हासिल है। भारतीय और अफगान, दोनों अधिकारी इस आरोप से इनकार करते हैं।










































