आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स की 1.63 अरब डॉलर की बिक्री में पेच फंस गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रमुख इनवेस्टर ग्रुप में फंडिंग की दिक्कत, रेगुलेटरी पचड़ों और खरीदारों के कंसोर्टियम के जटिल ढांचे के कारण इस डील में देरी हो रही है। सोमानी ग्रुप की अगुवाई वाले कंसोर्टियम में रॉब वॉल्टन, शीला फोर्ड हैंप और उनके पुत्र माइकल हैंप जैसे ग्लोबल इनवेस्टर शामिल हैं। रॉब वॉल्टन का ताल्लुक दुनिया के सबसे अमीर परिवारों में से एक वॉल्टन फैमिली से है। वह एनएफएल की टीम डेनवर ब्रोंकोस के भी प्रिंसिपल ओनर हैं। शीला फोर्ड हैंप एनएफएल फ्रेंचाइजी डेट्रॉयट लॉयंस की प्रिंसिपल ओनर हैं।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स के को-फाउंडर मनोज बदले के निवेश वाली कंपनी रॉयल्स स्पोर्ट्स ग्रुप ने कहा कि काल सोमानी के साथ चर्चा चल रही है और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि फ्रेंचाइजी के लिए अच्छा परिणाम आए। हालांकि यह साफ नहीं है कि कंसोर्टियम में किसके हिस्से कितनी पूंजी आएगी लेकिन माना जा रहा है कि सोमानी ग्रुप मैज्योरिटी स्टेक मांग रहा है। बदले के अलावा राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा स्टेकहोल्डर्स में रेडबर्ड कैपिटल और लाचलान मर्डोक शामिल हैं। सोमानी की राजस्थान रॉयल्स में इस समय भी हिस्सेदारी है।










































