वॉशिंगटन: कोविड महामारी के बाद एक बार दुनिया में एक नए वायरस का डर फैल रहा है। इस वायरस का नाम है- हंता वायरस। वायरस का मौजूदा प्रकोप दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है। हाल ही में सामने आए कुछ मामलों ने इस वायरस को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इसमें अटलांटिक की यात्रा पर निकले क्रूज शिप में हुआ संक्रमण भी शामिल हैं। हंटावायरस का प्रलयकारी रूप उन बीमारियों से अलग है, जिसकी हमें आदत है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की महामारी और वैश्विक महामारी प्रबंधन की निदेशक डॉ. मारिया वान केरकोव ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि “यह न तो कोविड है और न ही इन्फ्लूएंजा। यह बिल्कुल अलग तरीके से फैलता है।”
इस समय अटलांटिक में मौजूद डच झंडे वाला क्रूज शिप MV होंडियस दुनिया भर में चर्चा में बना हुआ है। क्रूज पर वायरस के फैलने से तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग संक्रमित हो गए। हालांकि, WHO ने जोर देकर कहा है कि इसका जोखिम कम ही रहेगा, क्योंकि हंटावायरस एक व्यक्ति से दूसरे में आसानी से नहीं फैलता है।
कैसे फैला संक्रमण?
कई देशों के लगभग 150 पर्यटकों को लेकर अर्जेंटीना से रवाना हुए जहाज पर पहला मामला 2 मई को सामने आया, जब जहाज पर सवार रहे एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। संक्रमण का पहला शिकार एक 70 वर्षीय डच नागरिक थे, जो 1 अप्रैल को यात्रा शुरू होने के कुछ समय बाद ही बीमार पड़ गए थे। उन्होंने बुखार, सिरदर्द और दस्त की शिकायत की थी। उनकी जहाज पर ही मौत हो गई थी।










































