- Google India Investment : ग्लोबल टेक कंपनी गूगल भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर व ड्रोन के स्थानीय निर्माण में बड़े निवेश के नए अवसर तलाश रही है। केंद्रीय रेल, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने शुक्रवार, 8 मई को इस बात की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि गूगल के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई, जिसमें यह चर्चा सामने आई कि कंपनी भारत में AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाना चाहती है।
- AI और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर वैश्विक जोर
- आज पूरी दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड कंप्यूटिंग पर भारी निवेश कर रही हैं। इसकी वजह यह है कि AI मॉडल चलाने के लिए बहुत ज्यादा कंप्यूटिंग पावर, डेटा सेंटर और उन्नत सर्वर की जरूरत होती है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए गूगल भी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से मजबूत कर रहा है। कंपनी के CEO सुंदर पिचाई पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि इस साल गूगल करीब 185 अरब डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर करेगा, जिसका बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा।
- भारत में विशाल AI हब बनाने की योजना
- गूगल पहले ही भारत में अपने सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक की घोषणा कर चुका है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। यहां एक विशाल “गीगावॉट-स्केल AI इकोसिस्टम” विकसित किया जा रहा है, जो भारत में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। इस परियोजना के तहत 1 गीगावॉट क्षमता वाला हाइपरस्केल AI डेटा सेंटर बनाया जाएगा। इसके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने तुर्लुवाडा, रामबिली और अदाविवरम क्षेत्रों में करीब 600 एकड़ जमीन भी आवंटित की है। यह प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक AI और डेटा हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- भारत बनेगा भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग हब
- इस परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि भारत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में वैश्विक सप्लाई चेन का एक भरोसेमंद हिस्सा बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियां और नेतृत्व इस विकास को और मजबूत बना रहे हैं।
- भारत में डेटा सेंटर सेक्टर में तेजी
- गूगल के अलावा भारतीय कंपनियां भी इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रही हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 1.5 गीगावॉट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर से ज्यादा) निवेश की योजना बनाई है। इस प्रोजेक्ट में सोलर पावर और बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल होगा, जिससे यह पूरी तरह ऊर्जा-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर बन सकेगा। इस बड़े प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश की इन्वेस्टमेंट प्रमोशन कमेटी ने 25 अप्रैल की बैठक में मंजूरी दी थी।
- भारत बन सकता है AI और डेटा का वैश्विक केंद्र
- गूगल और अन्य बड़ी कंपनियों के निवेश से साफ है कि भारत तेजी से AI, डेटा सेंटर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। सरकार की नीतियां, सस्ता मानव संसाधन और तेजी से बढ़ती डिजिटल मांग भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।










































