बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन का अपना दौरा पूरा किया है। ट्रंप की 13 से 15 मई की बीजिंग की राजकीय यात्रा वैश्विक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। इस घटनाक्रम पर भारत की नजर खासतौर से लगी हुई है। दुनिया की इन दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (चीन-अमेरिका) के बीच कूटनीतिक नरमी भारत के लिए भूराजनीतिक और आर्थिक जोखिम पैदा करती है।
द वायर ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप-जिनपिंग के शिखर सम्मेलन के परिणामों को लेकर क्यों चिंतित होना चाहिए। रिपोर्ट में वो पांच क्षेत्र बताए गए हैं, जिन पर अमरिका-चीन के संबंधों में नए बदलाव का असर होगा और भारत के लिए चिंता का सबब बनेगी। इसमें सुरक्षा, व्यापार से क्षेत्रीय प्रभाव तक शामिल है।










































