आमतौर पर देखने को मिलता है कि बच्चों की परवरिश को लेकर मां और दादी-नानी के बीच कुछ मतभेद हो जाते हैं। दादी-नानी जहां अपने अनुभव और पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करती हैं, वहीं आज की माएं साइंटिफिक तथ्यों और डॉक्टरों की सलाह को प्राथमिकता देती हैं। यही वजह है कि कई बार दोनों की राय एक नहीं हो पाती और इसका असर यह होता है कि कई बार मदर्स काफी परेशान हो जाती हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला पीडियाट्रिशियन डॉक्टर माधवी भारद्वाज की ओपीडी में सामने आया। यहां एक मां अपने बच्चे को दिखाने पहुंची और डॉक्टर से बोली, ‘प्लीज, बच्चे की नानी को समझाइए। वो ओवरस्टिमुलेशन को समझती ही नहीं हैं, फिर मेरा बच्चा रातभर चिड़चिड़ा रहता है।’ महिला की बात सुनने के बाद डॉक्टर ने एक अहम सलाह दी, जो हर दादी- नानी को जाननी चाहिए।
पीडियाट्रिशियन डॉक्टर माधवी भारद्वाज कहती हैं कि हाल ही में उनकी ओपीडी में एक मां आई थीं, जिनका कहना था- ‘मैम, आप ही बच्चे की नानी को समझा दीजिए कि ओवरस्टिमुलेशन क्या होता है। वो समझती ही नहीं हैं। बच्चा मेरा बहुत चिड़चिड़ा हो जाता है और पूरी रात परेशान रहता है।’ यह सुनने के बाद एक्सपर्ट कहती हैं कि मैं सभी दादी-नानियों से एक बात बताना चाहती हूं कि ओवरस्टिमुलेशन का फंडा आपसबको पता है, लेकिन आप लोग इसे ‘नजर लगना’ समझ लेते हैं, इसके पीछे का पूरा साइंस आपको नहीं मालूम है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।







































