सविता टॉकीज के सामने हुआ जलभराव घरों तक पहुंचा पानी

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वार्ड वासियों ने नगर पालिका से पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग

पद्मेश न्यूज।  वारासिवनी।  नगर के वारासिवनी रामपायली मार्ग पर स्थित सविता टॉकीज के सामने महज डेढ़ से दो घंटे की बारिश में सडक़ में जलभराव  की स्थिति निर्मित हो गई। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नही होने के कारण करीब ५० मीटर के दायरे में भारी जलभराव की स्थिति बनी रही। जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जहां लोगों के द्वारा स्थानीय प्रशासन से समुचित व्यवस्था बनाने और जल भराव की समस्या का निदान करने की मांग की है।

दोपहर में अचानक बदला मौसम छा गया अंधेरा

शनिवार की सुबह से ही नगर में तेज धूप खिली हुई थी और लोग उमस से परेशान थे। लेकिन दोपहर करीब २ बजे अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा सा महसूस होने लगा। इसके तुरंत बाद शुरू हुआ तेज बारिश का दौर जो करीब डेढ़ घंटे तक अनवरत जारी रहा। इसके बाद शाम करीब ४ बजे एक बार फिर तेज बारिश हुई जिससे नगर की नालियां उफ ान पर आ गईं और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आने लगा। सविता टॉकीज के सामने जलभराव की स्थिति इस कदर विकराल हो गई कि सडक़ पर पानी जमा हो गया। इस दौरान वहां से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहनों के निकलने से जो पानी उछल रहा था वह सडक़ किनारे पैदल चल रहे लोगों के कपड़ों को खराब कर रहा था। सबसे ज्यादा बदतर स्थिति सडक़ किनारे निवासरत लोगों की हुई। वाहनों की रफ्तार के कारण सडक़ पर जमा पानी की लहरें लोगों के घरों के दरवाजों तक पहुंच रही थीं और पानी घरों के भीतर घुसने के लिए उतारू दिख रहा था जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित नजर आए। विदित है कि यह स्थिति कोई पहली बार नहीं बनी है। बीते कुछ वर्षों से इस विशेष स्थान पर पानी निकासी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है जिसके कारण हर बार बारिश में यह सडक़ तालाब में तब्दील हो जाती है। कुछ वर्ष पहले प्रशासन ने औपचारिकता पूरी करते हुए डिवाइडर को बीच से काट दिया था ताकि पानी दूसरी तरफ  निकल सके। लेकिन यह प्रयास पूरी तरह नाकाफी साबित हुआ क्योंकि वहां से पूरा पानी साफ  नहीं हो पाता है। जलभराव का मुख्य कारण मौके पर बनी नाली का व्यवस्थित नही होना है। सडक़ किनारे नाली का निर्माण तो किया गया है  लेकिन वह केवल बीच के हिस्से में ही बनी हुई है। नाली के दोनों तरफ  निकासी के छोर बंद हैं। जब आगे पानी बहने का रास्ता ही नहीं है  तो नाली का पानी ओवरफ्लो होकर सडक़ पर जमा हो जाता है। हर साल होने वाली इस समस्या से राहगीर और रहवासी दोनों ही त्रस्त हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थाई समाधान करते हुए नाली के दोनों छोर खोले जाएं और पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस स्थिति से जूझना ना पड़े।

बाइट राकेश चौबे वार्डवासी

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