अवैध सागौन लकड़ी का परिवहन करता ट्रैक्टर जप्त

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वारासिवनी वन विभाग ने मामला दर्ज कर जांच की प्रारंभ

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी वन विभाग और उडऩदस्ता दल वन वृत्त बालाघाट की संयुक्त सतर्कता से कीमती इमारती लकड़ी सागौन के अवैध परिवहन के खिलाफ एक कार्यवाही की गई है। वन विभाग की टीम ने अवैध रूप से सागौन ले जा रहे एक ट्रैक्टर को जब्त करते हुए लकड़ी मालिक के खिलाफ मध्य प्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम की धाराओं के तहत वन अपराध दर्ज कर लिया है।

गश्त के दौरान हत्थे चढ़ा ट्रैक्टर

प्राप्त जानकारी के अनुसार उडऩदस्ता दल वन वृत्त बालाघाट के द्वारा क्षेत्र में निरंतर सघन गश्त की जा रही थी। इसी दौरान टीम ने वन विभाग के कनकी बीट के अंतर्गत बेहराई से छतेरा मार्ग पर एक ट्रैक्टर को संदेहास्पद स्थिति में सागौन की लकड़ी ले जाते देखा। टीम ने तुरंत घेराबंदी कर ट्रैक्टर को रोका और वाहन पर मौजूद लोगों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेजों की मांग की। मौके पर चालक व संबंधित व्यक्ति कोई भी वैध दस्तावेज या टीपी परिवहन अनुमति पत्र पेश नहीं कर सके। उडऩदस्ता दल ने वाहन को अपने कब्जे में लिया और इसकी सूचना तत्काल वारासिवनी वन विभाग के कनकी बीट के डिप्टी रेंजर भास्कर उके को दी। घटना स्थल की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ट्रैक्टर और जप्त सागौन को दक्षिण सामान्य वन मंडल कार्यालय वारासिवनी लाया गया। कार्यालय परिसर में की गई जांच के दौरान पॉवरटेक ट्रैक्टर मॉडल ईयूआरडी ५० को जप्त कर लकड़ी की जांच की गयी। इसमें सागौन के छोटे.बड़े ६ नग कुल ०.५१५ घन मीटर लकड़ी पाई गई जिसकी अनुमानित कीमत लगभग २२००० रुपये निर्धारित की गई हैं। मामले में आरोपी और लकड़ी मालिक की पहचान रितेश पिता बेदराम गर्दे उम्र ३२ वर्ष निवासी कनकी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने दावा किया कि यह लकड़ी उसकी निजी बाड़ी की है जिसे वह कनकी से काटकर ग्राम बोट्टे ले जा रहा था। हालांकि बिना अनुमति और बिना वैध दस्तावेजों के वन उपज का परिवहन करना गैर कानूनी होने के कारण वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम १९६९ की धारा ५ ग के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच में ले लिया है।

इनका कहना हैं

दूरभाष पर चर्चा में बताया कि क्षेत्र में सागौन की लकड़ी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। मामले में आरोपी पक्ष के द्वारा अब तक कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं जिसके कारण नियमानुसार अपराध दर्ज कर लिया गया है। वर्तमान में जुर्माना राशि का आकलन किया जा रहा है और संपूर्ण प्रकरण जांच में है।

भास्कर उके डिप्टी रेंजर वारासिवनी वन विभाग
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