गला घोंटकर हत्या की आशंका पुलिस ने उत्खनन कर बरामद किया नवजात का शव
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत नांदगांव के धोबीटोला में मानवीय संवेदनाओं को तार.तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ लोक.लज्जा और सामाजिक डर के चलते एक नवजात शिशु की निर्मम हत्या कर उसका शव घर के पीछे बने गोबर के गड्ढे घुड़े में दफ ना दिया गया। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गड़े हुए शव को बाहर निकाला है। उधर आपराधिक कृत्य उजागर होने पर नाना ने घबराहट में कीटनाशक पी लिया जिसका इलाज अस्पताल में जारी है।
यह है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना २९ जुलाई २०२६ की रात लगभग ११ बजे की है। ग्राम नांदगांव धोबीटोला निवासी धारासिंह मडावी की अविवाहित पुत्री को प्रसव पीड़ा हुई जिसके बाद उसने एक जीवित नवजात बालक को जन्म दिया। हालांकि अगली सुबह ग्रामीणों या आसपास के लोगों को शिशु कहीं दिखाई नहीं दिया। धीरे.धीरे गाँव में यह चर्चा फैलने लगी घटना की भनक जब गाँव की आशा कार्यकर्ता तिरंजा टेंभरे को लगी तो उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए ३१ जुलाई २०२६ को पीडिता के घर जाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान जब पूरी सच्चाई सामने आई तो आशा कार्यकर्ता ने बिना देरी किए तत्काल डायल ११२ हेल्पलाइन पर कॉल कर वारासिवनी पुलिस को सूचित किया।
बारिश और अंधेरे में पुलिस की मुस्तैदी, सुबह हुआ उत्खनन
सूचना मिलते ही एसडीओपी अभिषेक चौधरी पुलिस बल के साथ ३१ जुलाई की रात में ही मौके पर पहुँचे। हालांकि अत्यधिक तेज बारिश और घने अंधेरे के कारण उस वक्त शव को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। पुलिस ने तुरंत मामले से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया और विधिवत उत्खनन की अनुमति माँगी। इसके बाद १ अगस्त २०२६ की सुबह नायब तहसीलदार चंदकिशोर ककोडय़िा, पुलिस अधिकारियों, डॉक्टरों की मेडिकल टीम नगर पालिका कर्मचारियों और फोटोग्राफ र की मौजूदगी में चिन्हित स्थान गोबर के गड्ढे की खुदाई करवाई गई जहाँ से नवजात शिशु का शव बरामद हुआ।
हत्या की आशंका
बरामदगी के दौरान नवजात बालक के गले और मुँह में कपड़ा बंधा हुआ पाया गया। प्राथमिक परिस्थितियों को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि मासूम का मुँह दबाकर या गला घोंटकर हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने की नीयत से उसे गोबर के गड्ढे में गाड़ दिया गया।
पोल खुलने पर नाना ने पिया जहर
प्रशासनिक दबिश और पुलिस की कार्यवाही से घबराकर नाना ४० वर्ष ने ज़हर कीटनाशक का सेवन कर लिया। स्थिति बिगड़ते देख उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल वारासिवनी ले जाया गया जहाँ उसका इलाज पुलिस निगरानी में चल रहा है।
पुलिस ने यह की कार्यवाही
वारासिवनी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा १९४ के तहत मर्ग क्रमांक ४४/२६ कायम कर वैधानिक जाँच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल वारासिवनी के शव गृह भेजा गया। पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात् पुलिस अधिकारियों ने सम्मानपूर्वक नवजात शिशु का कफन.दफन अंतिम संस्कार करवाया। मामले में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संबंधित गंभीर धाराओं में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
अविवाहित ने नवजात शिशु को जन्म दिया था-विजय सहारे
सरपंच विजय सहारे ने बताया कि हमारे गांव में नवजात शिशु को अविवाहित ने बच्चे को जन्म दिया था। मुझे जानकारी मिली तो उनके समाज के साथ बैठक हुई आशा कार्यकर्ताओं को सूचना दी गई उसने डायल ११२ पर पुलिस को सूचना दी। तो कटंगी पुलिस आई थी उन्होंने वारासिवनी पुलिस को सूचना दी और मैंने भी वारासिवनी थाना प्रभारी को फ ोन किया। लडक़ी के पिता ने जो बच्चे का नाना लगता है उसने उसे दफन किया है। २९ जुलाई २०२६ की घटना है कल पुलिस बैठी थी तो उस समय हमें ऐसा लगा कि लडक़ी के पिता ने किसी चीज का सेवन कर लिया और उन्होंने खुद बताया।
उत्खनन की कार्यवाही कर शव बरामद किया-अभिषेक चौधरी
एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने दूरभाष पर चर्चा में बताया कि हमें सूचना मिली थी तो तत्काल हमारे द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को पत्र लिखकर उत्खनन की अनुमति मांगी गई थी। जिनके द्वारा एक टीम तैयार की गई जिसमें पुलिस डॉक्टर तहसीलदार फोटोग्राफर सभी शामिल थे। मौके पर उत्खनन की कार्यवाही कर शव बरामद किया गया देहाती मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम किया गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर अपराध दर्ज किया जाएगा वहीं मां की हालत सुधरते ही बच्चों के पिता का भी पता किया जाएगा।
बाइट विजय सहारे सरपंच नांदगाव










































